पलटी खाने के बाद रोड़ से कुछ दूरी पर गिरी कार
नीमच-झालावाड़ मार्ग पर शनिवार का दिन मातम लेकर आया। ग्राम बैंसला के पास श्रद्धालुओं से भरी एक तूफान गाड़ी अनियंत्रित होकर भीषण हादसे का शिकार हो गई। गाड़ी पलटने से मची चीख-पुकार के बीच दो लोगों की मौके पर ही सांसें थम गईं, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
मन्नत पूरी कर लौट रहे थे घर
जानकारी के अनुसार, भानपुरा तहसील के अंतरालिया गांव निवासी एक परिवार गायरी गुर्जर समाज के लोग सावन गांव में मन्नत कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। शनिवार दोपहर वे वापस घर लौट रहे थे कि तभी बैंसला घाट पर 'पटेल श्री होटल' के पास गाड़ी चालक ने नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार तूफान गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और अंदर सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
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मौके पर ही तोड़ा दम
दुर्घटना में भारत चौहान (45) और सोहन बाई (55) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वाहन में सवार अन्य 8 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं, जिनमें से 7 की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
ग्रामीणों ने निभाई 'फरिश्ते' की भूमिका
हादसे के बाद ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश की। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 108 एंबुलेंस को फोन करने के बाद भी वह समय पर नहीं पहुंच सकी। कीमती समय बर्बाद होता देख स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाई और अपने निजी वाहनों से घायलों को तुरंत रामपुरा सिविल अस्पताल पहुंचाया। ग्रामीणों की इस त्वरित मदद ने ही शायद कई जिंदगियां बचा लीं। घायलों के अस्पताल पहुंचते ही वहां चीख-पुकार मच गई। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद नीमच जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है।
सूचना मिलते ही रामपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है।
पलटी खाने के बाद रोड़ से कुछ दूरी पर गिरी कार