फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिव के राज में बच्चियों और महिलाओं से रेप के मामले में मध्य प्रदेश सबसे आगे

Fri, 01 Dec 2017 01:05 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र
विज्ञापन
मध्यप्रदेश बच्चियों और औरतों से बलात्कार के मामले में देश में पहले नंबर पर है। पिछले साल मध्यप्रदेश में 2,467 बच्चियों के साथ रेप की घटनाएं दर्ज हुईं, जो की देशभर में बच्चियों के साथ
विज्ञापन

हुई रेप की वारदातों की कुल संख्या का आधा है। इनमें से 90 फीसदी मामलों में परिवार का कोई सदस्य या फिर कोई नजदीकी वारदात का आरोपी था। 

राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश सिर्फ बलात्कार के मामलों में आगे होने के लिए कुख्यात नहीं है, बल्कि कथित तौर पर नाबालिगों द्वारा किए गए
रेप के मामलों में भी सबसे आगे है। साल 2016 में नाबालिगों के खिलाफ मध्यप्रदेश में 442 रेप केस दर्ज किए गए, जबकि महाराष्ट्र में 258 और राजस्थान में 159 रेप केस दर्ज हुए। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: एमपी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, 12 साल से कम उम्र की बच्ची से रेप पर फांसी की सजा

एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मध्यप्रदेश में महिलाओं के साथ बलात्कार के 4,882 केस दर्ज हुए और इस मामले में भी दूसरे राज्यों से सबसे आगे था। वहीं उत्तर प्रदेश 4816 और
महाराष्ट्र 4189 रेप केस के आंकड़ों के साथ महिलाओं से रेप के मामले में देश में दूसरे और तीसरे नंबर पर था। 

हमारे बच्चें कितने असुरक्षित हैं इस तथ्य को आंकड़े बयां करते हैं। मध्यप्रदेश में पिछले साल रोजाना कम से कम 37 बच्चे भयंकर अपराधों के शिकार बने। एनसीआरबी के ताजा आंकड़ें
बताते हैं कि 2016 में राज्य में बच्चों के खिलाफ कुल 13,746 अपराध की घटनाएं दर्ज की गईं। उत्तर प्रदेश में 16,079 और महाराष्ट्र में 14,559 घटनाओं के बाद मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान
पर था। 
Trending Videos
विज्ञापन

बच्चों के खिलाफ अपराध पिछले साल की तुलना में बढ़े

प्रतीकात्मक चित्र
चिंताजनक बात यह है कि मध्यप्रदेश में बच्चों के खिलाफ अपराध पिछले साल की तुलना में बढ़ गए हैं। 2015 में ऐसे 12,859 मामले थे, जो कि 2014 में दर्ज 15,085 मामलों की तुलना में
गिरावट के तौर पर देखे गए, लेकिन यह एक बार फिर से तेजी से बढ़ा है। 

कुल मिलाकर पिछले साल पूरे देश में 10.6 लाख बच्चे अपराध के शिकार हुए। उत्तर प्रदेश में 4,954 और महाराष्ट्र में 4,815 के बाद तीसरे नंबर पर मध्यप्रदेश में 4,717 पोक्सो एक्ट के तहत
मामले दर्ज हुए। 

मध्यप्रदेश में 132 बच्चों की हत्या हुई और 40 बच्चों की हत्या की कोशिश की गई, जो कि फिर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के क्रमशः 506 और 162 दर्ज मामलों के बाद सबसे ज्यादा है। 

मध्य प्रदेश में 6,016 छात्रों का अपहरण हुआ जो कि फिर तीसरा सबसे ज्यादा है। करीब 1,554 नाबालिग लड़कियों को अगवा कर शादी के लिए बाध्य किया गया, इस मामले में भी उत्तर प्रदेश
के बाद देश में दूसरे नंबर पर है मध्यप्रदेश।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें