दामोदर यादव के विवादित बयान पर गर्माया माहौल
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जिले के सिवनी मालवा में आयोजित एक राजनीतिक सभा में आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव के तीखे और विवादित बयान सुर्खियों में आ गए। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की यात्रा के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य यूं तो सामाजिक संवाद था लेकिन मंच से दिए गए बयानों ने माहौल गरमा दिया।
सभा को संबोधित करते हुए दामोदर यादव ने भगवान परशुराम को लेकर टिप्पणी की, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि वे केवल बाबा साहब को जानते हैं लेकिन परशुराम के बारे में न तो उन्होंने पढ़ा और न ही उन्हें जानते हैं। इसके साथ ही उन्होंने काल्पनिक चीजों में विश्वास न करने की बात भी कही। परशुराम जयंती से ठीक पहले यह बयान सामने आने के कारण विप्र और राजपूत समाज में खासी नाराजगी है।
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विवाद को और हवा तब मिली जब यादव ने धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधते हुए उन्हें पर्चियां निकालकर लोगों को गुमराह करने वाला बताया। उन्होंने हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा का विरोध करते हुए कहा कि भारत का संविधान देश को पंथ निरपेक्ष घोषित करता है और यही व्यवस्था आगे भी बनी रहनी चाहिए।
इन बयानों के बाद सिवनी मालवा में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। सर्व ब्राह्मण समाज, करणी सेना सहित कई संगठनों ने विरोध दर्ज कराते हुए दामोदर यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही आंदोलन की रणनीति भी बनाई जा रही है और सार्वजनिक माफी की मांग तेज हो गई है।
हालांकि कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नजरिए से भी देख रहे हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, भले ही वह विचार विवादित क्यों न हों। फिलहाल सिवनी मालवा में माहौल संवेदनशील बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।