मामले में सिवनी थाने में दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा तहसील के ग्राम बराखड़ में हुए बहुचर्चित मॉब लिंचिंग मामले में 12 जून को अदालत द्वारा 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद अब मामला सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और प्रतिक्रियाओं को लेकर चर्चा में आ गया है।
करीब चार साल पुराने इस मामले में गो तस्करी के संदेह में हुई हिंसा के दौरान महाराष्ट्र के अमरावती निवासी नाजिर अहमद की मौत हुई थी। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद एडीजे की अदालत ने 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में भावुक और तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें कथित रूप से न्यायालय के फैसले को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
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मामले को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि तथ्यों के आधार पर दिए फैसले पर एक व्यक्ति सवाल उठा रहा है। वायरल वीडियो में उस व्यक्ति की आपत्ति न्यायिक फैसले से ज्यादा न्यायाधीश की पहचान को लेकर दिखाई दे रही है और ऐसे मामलों में कार्रवाई की जानी चाहिए।
इधर, सिवनी मालवा थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो साझा करने के मामले में दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस वायरल वीडियो की जांच कर संबंधित लोगों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस के अनुसार, न्यायाधीश की ओर से अभी कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।