सर्वर ठप, सूनी पड़ी मंडियां, गेहूं खरीद की रफ्तार थमी
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आज से प्रदेश के चार संभागों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू करने के निर्देश जारी किए गए थे लेकिन नर्मदापुरम संभाग मुख्यालय पर पहले ही दिन प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सकी। किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो पाना और तकनीकी खामियां इसका मुख्य कारण रहीं। जानकारी के अनुसार अधिकांश किसानों को 10 अप्रैल से स्लॉट दिए गए हैं, जिसके चलते पहले दिन मंडियों में अपेक्षित संख्या में किसान नहीं पहुंचे।
गुरुवार को नर्मदापुरम की मंडियां सूनी नजर आईं। कुछ किसान गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक कराने पहुंचे लेकिन सर्वर खराब होने के कारण उनकी बुकिंग नहीं हो सकी और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। जिले में इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के कारण गेहूं का उत्पादन अच्छा हुआ है। करीब 2 लाख 71 हजार हैक्टेयर में गेहूं की बोनी की गई थी। खरीदी के लिए जिले में 142 केंद्र बनाए गए हैं लेकिन पहले दिन अधिकांश केंद्रों पर खरीदी शुरू नहीं हो सकी।
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किसान भगवती ने बताया कि स्लॉट बुक नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार खरीदी केंद्र के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समय पर खरीदी नहीं होने से आर्थिक परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि घर में बेटे की शादी है और पैसों की जरूरत है लेकिन स्लॉट बुकिंग में देरी के कारण वे फसल नहीं बेच पा रहे हैं। मजबूरी में उन्हें अपनी उपज व्यापारियों को कम दाम पर बेचने का जोखिम उठाना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दो एकड़ से कम जमीन वाले किसानों के स्लॉट पहले बुक हो रहे हैं, जिससे अन्य किसान परेशान हैं।
वहीं जिला प्रशासन का दावा है कि व्यवस्थाएं की गई हैं और खरीदी धीरे-धीरे गति पकड़ रही है। प्रभारी डीएसओ नीता कोरी ने बताया कि जिले में 142 खरीदी केंद्र निर्धारित किए गए हैं और 3500 से अधिक स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। चयनित केंद्रों पर खरीदी शुरू भी कर दी गई है और किसानों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। फिलहाल तकनीकी दिक्कतों और स्लॉट बुकिंग में देरी के कारण नर्मदापुरम में गेहूं खरीदी की रफ्तार धीमी बनी हुई है। आने वाले दिनों में व्यवस्थाएं सुधरने के बाद खरीदी में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।