मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मारिका का विमोचन किया।
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अपने लिए तो सब जीते हैं, तू जी ये दिल जमाने के लिए। अच्छे कार्य करने वालों के लिए हमारी सरकार सहयोगी है। स्व. पंडित रामलाल शर्मा ने कठिन समय में शिक्षा की अलख जगाई है। उनके सामने भी अनेक कठिनाई आई है। उनका जीवन अद्भुत था। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को नर्मदा शिक्षा समिति के 75 वर्ष एवं एनईएस शिक्षा महाविद्यालय के 50 वर्ष पूर्ण होने पर नवीन भवन का लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही।
मुख्यमंत्री ने नर्मदा शिक्षा समिति के संस्थापक स्वर्गीय पंडित रामलाल शर्मा के जीवन पर आधारित स्मारिका एवं पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अच्छी शिक्षण संस्थाएं चले, वे ज्ञान दें, कौशल दें। स्वामी विवेकानंद कहते थे कि शिक्षा वह है जो इंसान को इंसान बनाने की शिक्षा दें। शिक्षा वह है जो मुक्ति दिलाए। शिक्षा का प्रकाश फैलना चाहिए, प्राइवेट सेक्टर में अच्छे स्कूल महाविद्यालय प्राइवेट शिक्षण संस्थाएं ज्ञान दें। इससे बड़ा पुण्य नहीं है। ज्ञान, कौशल के साथ अच्छे नागरिक बने ऐसी शिक्षा दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पं रामलाल शर्मा अच्छे इंसान थे। स्मारिका से आने वाली पीढ़ियों को पता चलेगा कि पं रामलाल शर्मा ने संघर्ष के साथ शिक्षा के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य किया है। शिक्षा समिति के अध्यक्ष पं भवानी शंकर शर्मा ने बताया कि शिक्षा समिति में अनेक लोगाें का विशेष योगदान रहा है। विधायक डाॅ सीतासरन शर्मा ने स्व. रामलाल शर्मा व शिक्षा समिति के द्वारा शैक्षणिक कार्यों और संस्थाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बहुत संघर्षों से यह शिक्षा समिति बनी है। संस्था द्वारा अनेक स्थानों पर उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूल व महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं।