108 एंबुलेंस में सब्जियां लादते लोग
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जिस 108 एंबुलेंस का काम गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना है, उसी का इस्तेमाल रात में सब्जियों की ढुलाई के लिए किए जाने का मामला सामने आया है। नर्मदापुरम से सामने आए एक वीडियो में 108 एंबुलेंस के भीतर मरीज की जगह सब्जियों से भरे कट्टे, कैरेट और बोरे लदे हुए दिखाई दे रहे हैं। सामान एंबुलेंस के उसी पिछले हिस्से में रखा गया, जहां मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर अस्पताल ले जाया जाता है। वीडियो में एक व्यक्ति को भी एंबुलेंस के पिछले हिस्से में बैठाकर गेट बंद करते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद एंबुलेंस वहां से रवाना हो जाती है।
हीरो होंडा चौराहे पर सामने आया मामला
मामला रविवार देर रात हीरो होंडा चौराहे के पास का बताया जा रहा है। सड़क किनारे 108 एंबुलेंस खड़ी थी। इसके बाद उसके पीछे के दोनों दरवाजे खोले गए और एक के बाद एक सब्जियों के कट्टे, कैरेट और बड़े बोरे अंदर रखे गए। मौके से गुजर रहे एक युवक ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। वीडियो में एंबुलेंस के अंदर सामान रखने की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड हुई है। वीडियो सामने आने के बाद 108 सेवा की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
मरीजों के लिए निर्धारित हिस्से में रखा सामान
वीडियो में एंबुलेंस के मरीजों को ले जाने वाले हिस्से में सब्जियों के कट्टे और कैरेट भरे हुए नजर आ रहे हैं। सामान रखने के बाद अंदर बैठने तक की जगह भी सीमित दिखाई दे रही है। इसी हिस्से में एक व्यक्ति को भी बैठाया गया। कुछ दूरी आगे जाने के बाद वह व्यक्ति एंबुलेंस के आगे वाले हिस्से में जाकर बैठता है और इसके बाद एंबुलेंस वहां से रवाना हो जाती है।
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किसने दी अनुमति?
108 एंबुलेंस आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में वाहन में निजी सामान और सब्जियां लादने की अनुमति किसने दी, सामान किसका था और एंबुलेंस का इस्तेमाल इस काम के लिए क्यों किया गया, यह जांच का विषय है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जाना जरूरी है कि जिस समय एंबुलेंस में सामान ढोया जा रहा था, उस दौरान वह किसी मरीज के लिए उपलब्ध थी या नहीं।
CMHO बोले- मामला गंभीर और शर्मनाक
मामले को लेकर सीएमएचओ डॉ. नरसिंह गेहलोत ने इसे बेहद गंभीर और शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि 108 एंबुलेंस के देरी से पहुंचने की शिकायतों के संबंध में पहले भी वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इस मामले की जानकारी भी वरिष्ठ कार्यालय को दी जाएगी।
सीएमएचओ के अनुसार जिले में कुल 34 एंबुलेंस हैं। इनमें से कुछ एंबुलेंस रिपेयरिंग के कारण सेवा से बाहर रहती हैं, जबकि करीब 30 एंबुलेंस वर्तमान में संचालित हो रही हैं। ऐसे में उपलब्ध एंबुलेंस की निगरानी और उनके निर्धारित काम के अलावा कहीं इस्तेमाल होने पर जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।