महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलाधिपति, भारतरत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की जयंती पर रविवार को विश्वविद्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस बीच नवसज्जित नानाजी परिसर का लोकार्पण हुआ। वहीं, किसान भवन में ‘नानाजी देशमुख : ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की यात्रा’ विषय पर नानाजी स्मृति व्याख्यानमाला हुई। साथ ही नानाजी पीठ एवं नानाजी विचार मंच की गतिविधियों का शुभारंभ भी किया गया।
'चित्रकूट नानाजी के लिए प्रयोगभूमि व ग्रामोदय प्रयोगशाला रही'
'नानाजी के विचारों में शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान था'
वहीं, विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय नानाजी देशमुख के स्थापित ग्रामोदय दर्शन को यथार्थ का धरातल प्रदान करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नवसज्जित नानाजी देशमुख परिसर में नानाजी के आदर्शों के अनुरूप कार्यक्रम एवं गतिविधियां संचालित की जाएंगी। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा व ज्ञान के साथ अच्छे संस्कार तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी मिले। विश्वविद्यालय नानाजी के विचारों को शैक्षणिक गतिविधियों, ग्राम विकास और सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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