नगर पालिका नागदा अब पूरे शहर में अपने बूते पानी सप्लाई करेगी। दरअसल नपा आंशिक रूप से उद्योग से पानी ले रही थी। इसके एवज में उद्योग प्रबंधन प्रतिमाह लगभग 10 लाख रुपये नपा नागदा से वसूल रही थी। सोमवार से नपा नागदा उद्योग से ये पानी लेना बंद कर देगी।
जलकार्य विभाग से सभापति प्रकाश जैन ने बताया कि नगर पालिका की टीम ने सप्ताह भर की मशक्कत के बाद रविवार को बीसीआई फिल्टर प्लांट के सामने नगर पालिका की cब को सबवेल से जोड़कर अशोक कॉलोनी के कुछ इलाकों, बीसीआई क्वार्टर व टैंकर भरने के काम को अपने हाथों में ले लिया है। पहले ये सारी सप्लाई उद्योग से 10 हार्सपॉवर की मोटर से मिलने वाले पानी पर निर्भर थी। इसी के एवज में उद्योग प्रबंधन नपा से प्रतिमाह लगभग 10 लाख रुपये वसूल रहा था।
रविवार को नपाध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि ओपी गहलोत, उपाध्यक्ष सुभाषचंद्र शर्मा, पार्षद साहिल शर्मा, सुभाष रावल आदि ने मौके पर पहुंचकर कार्य का निरीक्षण किया।
1973 में हुआ था समझौता
दरसल ग्रेसिम उद्योग प्रबंधन व नगर पालिका नागदा के बीच 1973 में हुए एक समझौते के मुताबिक ग्रेसिम उद्योग अपने संसाधनों से प्रतिदिन नगर पालिका नागदा को 5 लाख गैलन पानी देगा। उद्योग प्रबंधन तभी से इस पानी के एवज में नपा नागदा से राशि वसूलता आया है और समय-समय पर उद्योग ने इसके रेट भी रिवाइज किए हैं।
2017 में पेयजल योजना लागू
2017 में नागदा में पेयजल आवर्धन योजना लागू हो गई थी। इस योजना के लागू होने के बाद नपा नागदा ने मेतवास में सप्लाई के लिए उद्योग से लिए जाने वाले पानी को लेना बंद कर दिया था और नपा नागदा उद्योग से सिर्फ बीसीआई फिल्टर प्लांट पर ही पानी लेने का काम कर रही थी।
2017 से अब तक उद्योग ने वसूले सवा दो करोड़ रुपये
2017 में पेयजल आवर्धन योजना लागू हो जाने के बाद नगर पालिका नागदा पूरे शहर में पेयजल सप्लाई के लिए आत्मनिर्भर हो गई थी लेकिन बीसीआई फिल्टर प्लांट पर अभी भी 10 हार्सपॉवर की उद्योग की मोटर से ही सप्लाई की जा रही थी। उद्योग ने इसके एवज में नगर पालिका नागदा से 2017 से अब तक सवा दो करोड़ रुपये काटे हैं। उद्योग प्रबंधन ये राशि नपा को दिए जाने वाली टैक्स की राशि में से हर बार काटता रहा है।
ऐसे बचाया जनता का पैसा
दरअसल मामले की जानकारी मिलने पर जलकार्य विभाग के सभापति प्रकाश जैन ने 2 सितंबर 2023 को एक पत्र नपा अध्यक्ष संतोष ओपी गहलोत को लिखकर बताया था कि जनता की गाड़ी कमाई का रुपया उद्योग वसूल रहा है। हमें उद्योग की सप्लाई बंद करना चाहिए और अपनी सप्लाई शुरू करना चाहिए, हम इसके लिए सक्षम हैं। जलकार्य सभापति के इस पत्र को नपा अध्यक्ष ने गंभीरता से लेते हुए इस पर तत्काल कार्रवाई शुरू करने के लिए कहा। इसके बाद इस काम को रविवार को पूरा कर लिया गया।
गौरतलब है कि नपाध्यक्ष संतोष ओपी गहलोत के मार्गदर्शन में किए गए इस प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के बाद जलकार्य सभापति जैन ने अधिकारियों से इस प्रोजेक्ट पर लगने वाले सामान की सूची मांगी थी। इस सूची को जलकार्य के कर्मचारियों को सौंपकर इसमें से उपलब्ध पुराने समान की जानकारी ली तो लगभग 6 लाख रुपये का पुराना समान कबाड़ में से निकालकर इस प्रोजेक्ट को महज दो लाख रुपये से भी कम में पूरा कर दिया गया। बता दें कि इसके पूर्व भी नपा ने वार्ड 5 में पुराने विद्युत पोल का रंग-रोगन कर कम खर्च में जूना नागदा क्षेत्र को रोशन करने का कार्य किया है।