शहर के किल्लीपुरा स्थित इंद्र कॉलोनी में दशहरे की बधाई देने के दौरान दो पक्षों की महिलाओं में हुए विवाद के बाद थाने में देर रात भारी हंगामा हुआ। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिला कोषाध्यक्ष रमेश प्रजापत ने नगर पुलिस अधीक्षक विक्रम अहिरवार से तीखी बहस की और पुलिस जवान को थप्पड़ मारने की बात तक कह दी। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब एक बजे शुरू हुआ यह विवाद देर रात दो बजे तक चलता रहा।
पूरा घटनाक्रम किल्लीपुरा क्षेत्र की इंद्र कॉलोनी में दशहरे के पर्व पर शुभकामनाएं देने के समय शुरू हुआ था। एक पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष की महिला ने आपत्तिजनक बातें कहीं। इस शिकायत पर पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में प्रकरण दर्ज कर लिया। इसी बीच बजरंग दल के नगर संयोजक दिनेश परमार भी थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उपनिरीक्षक योगिता उपाध्याय ने कार्य में हस्तक्षेप करने पर उन पर हाथ उठाने की कोशिश की। परमार ने उपनिरीक्षक के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए उनके स्थानांतरण की मांग की।
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दिनेश परमार के साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के अन्य पदाधिकारी भी थाने पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बावजूद हिंदूवादी नेता उपनिरीक्षक पर कार्रवाई और उनके स्थानांतरण की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान नगर पुलिस अधीक्षक विक्रम अहिरवार और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि संबंधित मामले में आवेदन मिलने के बाद जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आपस में भिड़े पदाधिकारी
जांच के आश्वासन के दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिला कोषाध्यक्ष रमेश प्रजापत ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने सीएसपी से कहा कि आप अपने किसी जवान को बुलाइए मैं उसे थप्पड़ मार देता हूं, फिर आप जांच करते रहिए। इसी हंगामे के बीच रमेश प्रजापत और बजरंग दल के जिला अध्यक्ष देवेंद्र सेन के बीच भी तीखी बहस हो गई। प्रजापत का कहना था कि अलग-अलग बातचीत करने के बजाय सभी पदाधिकारियों को केवल कार्रवाई की मांग पर ध्यान देना चाहिए। लगभग दो घंटे से अधिक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिए जाने पर रात दो बजे मामला शांत हुआ।