अनारक्षित तबके के हितों की पैरवी करने करने वाली सपाक्स पार्टी का गठन मध्यप्रदेश के नवंबर 2018 के पिछले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले किया गया था। हालांकि, यह पार्टी कुल 230 में से 109 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद एक भी सीट नहीं जीत सकी थी।
इस बीच, खुद राणा ने भी यह कहा है कि वह इंदौर से सपाक्स के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ना चाहता है। राणा ने कहा, 'हमने इसी साल जनवरी में राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (आरजेपी) बनायी है। चूंकि इस दल के पंजीकरण की प्रक्रिया चुनाव आयोग में फिलहाल लंबित है। इसलिये सपाक्स के साथ आरजेपी के प्रस्तावित गठबंधन के तहत मुझे इंदौर से सपाक्स के चुनाव चिह्न पर लोकसभा चुनाव लड़वाने पर विचार किया जा रहा है।'
राणा ने बताया, 'दिल्ली उच्च न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर जल्द गुहार की जाएगी कि मुझे इंदौर से लोकसभा चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाए। अगर मुझे अदालत से चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिलती है, तो मेरी पत्नी प्रतिमा राजे राणा (31) को इंदौर से चुनाव लड़ाने पर विचार किया जा सकता है जो मध्यप्रदेश से ही ताल्लुक रखती हैं।' बता दें कि राणा राजपूत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। मोटे अनुमान के मुताबिक इंदौर लोकसभा क्षेत्र में इस समुदाय के 4.5 लाख मतदाता हैं। क्षेत्र में कुल मतदाताओं की तादाद 23 लाख से ज्यादा है।
उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर से समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सांसद फूलन देवी (37) की 25 जुलाई 2001 को दिल्ली में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में राणा को दिल्ली की एक अदालत ने आठ अगस्त 2014 को दोषी करार दिया था। इस मुजरिम को 14 अगस्त 2014 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। राणा को दिल्ली उच्च न्यायालय से मामले अक्टूबर 2016 में जमानत मिल गई थी।