भिंड जिले में पदस्थ एक आरक्षक की भर्ती फर्जी तरीके से होने का खुलासा हुआ है।
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मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं फर्जीवाड़े से जुड़े मामले लगातार सामने आते रहे हैं। अब भिंड जिले में पदस्थ एक आरक्षक की भर्ती फर्जी तरीके से होने का खुलासा हुआ है। मामले में भोपाल एसटीएफ टीम ने आरक्षक को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी आरक्षक ने 2012 व्यापमं भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा किया था।
जानकारी के अनुसार मुरैना जिले के ग्राम शनीचरा घाटी निवासी अजय सिंह गुर्जर ने व्यापमं भर्ती परीक्षा 2012 पास कर पुलिस आरक्षक की नियुक्ति ली थी। ताजा जानकारी में इस भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ गया है। जिसका खुलासा अचानक गोहद थाना पहुंची एसटीएफ की कार्रवाई से हुआ। आरोपी आरक्षक अजय सिंह गुर्जर इन दिनों भिंड के गोहद चौराहा थाना में पदस्थ है। ऐसे में भोपाल से आई एसटीएफ टीम ने आरक्षक को ड्यूटी के दौरान ही गिरफ़्तार कर लिया और अपने साथ पकड़ कर भोपाल ले गई।
पता चला है कि आरोपी अजय सिंह गुर्जर ने 2012 व्यापमं में फर्जीवाड़ा किया था। आयोजित आरक्षक भर्ती परीक्षा की लिखित परीक्षा में खुज की जगह एक सॉल्वर को बैठाया था। इसके बाद उसकी नियुक्ति पुलिस आरक्षक के पद पर हो गई थी और वह भिंड जिले के गोहद चौराहा थाना में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि आरोपी के ख़िलाफ़ कुछ दिन पहले ही शिकायत की गई थी।
शिकायतकर्ता के संबंध में जानकारी लेने पर पता चला कि शिकायतकर्ता श्याम सिंह गुर्जर भी अजय सिंह गुर्जर के गांव शनीचरा घाटी का ही रहने वाला है, जिसके साथ हाल ही में आरक्षक अजय सिंह का विवाद हो गया था। जिसके बाद श्याम सिंह गुर्जर ने भोपाल में मामले की शिकायत की। शुरुआती जांच के बाद भोपाल एसटीएफ़ ने 30 मई को मामला दर्ज कर लिया था और शुक्रवार की रात अचानक गोहद चौराहा थाना पहुंचकर आरोपी को गिरफ़्तार किया और साथ में भोपाल लेकर रवाना हो गई।