मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)
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मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज में कोरोना काल में छह हजार शादियों को लेकर भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने अपनी ही सरकार को घेरा। बुधवार को विधानसभा में उन्होंने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 30 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान को लेकर सवाल उठाए। सीईओ के निलंबन और जांच की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने जांच के निर्देश दिए हैं।
प्रश्नकाल शुरू होते ही भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने जनपद सिरोंज में भवन और सन्निर्माण कर्मकार मंडल में पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब कोरोना काल में शादियां नहीं हो रही थी, तब यहां 6 हजार शादियां हो गई। 30 करोड़ रुपये का भुगतान भी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत हो गया। यह कैसे हुआ? इसकी जांच होनी चाहिए।
जवाब में श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 1 अप्रैल 2019 से अब तक जनपद पंचायत सिरोंज में 5,976 हितग्राहियों को 30.40 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। इस जवाब से असंतुष्ट विधायक का कहना था कि कन्यादान योजना में भ्रष्टाचार हुआ है। एक साल में सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। सीईओ स्टे लेकर पोस्ट पर बना हुआ है। वे इस मुद्दे पर ध्यानाकर्षण भी पेश कर चुके हैं। रिश्वत ले-देकर कामकाज हो रहा है। सीईओ को सस्पेंड किया जाए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने मंत्री से कहा कि विधायक निलंबन की मांग कर रहे हैं। इस पर बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह पंचायत मंत्री का विशेषाधिकार है। इस पर उनसे चर्चा कर लेंगे।