पुलिस ने दोनों का जुलूस निकाला और जेल भेज दिया।
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सतना पुलिस ने रेत कारोबारी संजय कुमार अग्रवाल पर गोली चलाने के मामले में आठ दिन से फरार चल रहे दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों का उसी इलाके में पैदल जुलूस निकाला, जहां उन्होंने वारदात को अंजाम देकर दहशत फैलाई थी। इस दौरान दोनों आरोपी ‘गुंडागर्दी पाप है, पुलिस हमारी बाप है’ कहते नजर आए। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पान की दुकान पर विवाद के बाद चलाई गोली
घटना 28 सितंबर की रात की है। व्यवसायी संजय कुमार अग्रवाल अपने बेटे मोहित के साथ अस्पताल से घर लौट रहे थे। भुजवा मोहल्ले के पास एक पान की दुकान पर दोनों पान खाने के लिए रुके। इसी दौरान मोटरसाइकिल से पहुंचे दो युवकों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। कहासुनी बढ़ने पर दोनों युवकों ने कट्टा निकालकर संजय अग्रवाल पर गोली चला दी। गोली उनकी जांघ को छूते हुए निकल गई, जिससे वह घायल हो गए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
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सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मुखबिरों की मदद से संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई गई। जांच के आधार पर पुलिस ने 22 वर्षीय उमर खान और उसके बड़े भाई 27 वर्षीय भइया खान उर्फ मकबूल को आरोपी के रूप में चिह्नित किया। पुलिस के अनुसार, उमर खान के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज है। वहीं, भइया खान के खिलाफ रंगदारी और मारपीट के कई मामले दर्ज हैं।
कट्टा बरामद, दोनों आरोपी जेल भेजे गए
सीएसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि खैरमाई रोड पर बदमाशों ने व्यवसायी संजय अग्रवाल पर गोली चलाई थी। पुलिस ने मामले में धारा 307 के तहत अपराध दर्ज किया था। कोतवाली थाना प्रभारी हेमंत शर्मा और उनकी टीम ने आठ दिनों की तलाश के बाद दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 315 बोर का एक कट्टा भी बरामद किया है। पुलिस बरामद हथियार और सीसीटीवी फुटेज को जांच में शामिल कर फायरिंग के पीछे की वजह और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।