हीरानगर थाने में मकान मालिक से विवाद की शिकायत लेकर पहुंची तीन महिलाओं ने टीआई और एसीपी से विवाद कर हंगामा किया। तीनों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा की एफआईआर दर्ज कर हिरासत में लिया।
इंदौर के हीरानगर थाना परिसर में मंगलवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब शिकायत दर्ज कराने आई महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों के साथ विवाद करना शुरू कर दिया। मेघदूत नगर की निवासी रक्षा बबेले, उषा सेजवार और डिंपल अपने मकान मालिक के साथ हुए विवाद की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची थीं। सुनवाई के दौरान थाने के भीतर महिलाओं ने शोर मचाया और अधिकारियों के साथ अभद्रता तथा धक्का-मुक्की की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है और तीनों को मौके से ही हिरासत में ले लिया है।
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अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी बढ़ा विवाद
थाने पहुंचने के बाद जब महिलाओं ने अपनी समस्या बताई, तब हीरानगर थाना प्रभारी कमल किशोर ने उन्हें मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने का पूरा आश्वासन दिया। इसके बावजूद महिलाएं अचानक आक्रोशित हो गईं और थाना प्रभारी के साथ तीखी बहस करने लगीं। माहौल बिगड़ता देख टीआई ने उन्हें कमरे से बाहर जाने का निर्देश दिया, लेकिन महिलाओं ने उनके आदेश को मानने से इनकार कर दिया और थाने के भीतर ही जोर-जोर से हंगामा करने लगीं।
सहायक पुलिस आयुक्त के साथ भी की अभद्रता
थाना परिसर में महिलाओं द्वारा किए जा रहे भारी हंगामे की आवाज सुनकर सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रूबिना मिजवानी अपने कार्यालय से बाहर आईं और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, महिलाओं का आक्रोश शांत नहीं हुआ और उन्होंने एसीपी के साथ भी विवाद शुरू करते हुए अपशब्द कहे। स्थिति अधिक बिगड़ने पर एसीपी के निर्देशानुसार महिला पुलिस स्टाफ और अन्य कर्मियों ने महिलाओं को जबरन बाहर निकाला। बाहर ले जाते समय भी महिलाओं ने पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज जारी रखी। अंततः सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) की औपचारिक शिकायत पर तीनों के विरुद्ध नामजद मामला दर्ज कर लिया गया।
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थाना परिसर के बाहर जुटी लोगों की भारी भीड़
घटना के दौरान थाने के भीतर हो रहे हंगामे और शोर-शराबे को सुनकर देखते ही देखते थाने के बाहर बड़ी संख्या में आम जनता की भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए भीड़ को मौके से तितर-बितर किया और शांति व्यवस्था कायम की। थाने के भीतर काफी देर तक पुलिसकर्मियों से उलझती रहीं इन तीनों महिलाओं को तुरंत कस्टडी में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों को भी संपूर्ण घटनाक्रम की विस्तृत सूचना भेज दी गई है।