फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरपंच ने ठेकेदार को किराए पर दी स्कूल की बिल्डिंग, टीन में बैठकर पढ़ रहे बच्चे

Wed, 27 Jul 2016 03:34 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : hindustan times
विज्ञापन
मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहां स्कूल के निर्माणाधीन भवन को गांव के सरपंच ने एक ठेकेदार को किराए पर दे दिया। ठेकेदार अब उसमें स्टोर बनाकर अपना सामान रख रहा है तो स्‍कूल के छात्र टीन के छोटे से कमरे में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। 
विज्ञापन


हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार मामला जिले के मलकटार गांव का है। जहां स्कूल को एक नया भवन ‌तो मिला लेकिन सिर्फ फाइलों में। यहां तक की निर्माणाधीन भवन को भी एक बांध बनाने वाले ठेकेदार को दे दिया गया। 

जिसने उसमें अपना स्टोर बना लिया। स्कूल का पुराना भवन काफी जीर्ण शीर्ण अवस्‍था में है। आलम ये है कि बरसात के मौसम में कई कमरों में पानी टपकता रहता है। मजबूरी में शिक्षकों को स्कूल के छात्र-छात्राओं को पिछले तीन साल से एक टीन के कमरे में बैठाकर पढ़ाना पड़ता है। 
विज्ञापन

तीन साल से टीन के कमरे में बैठकर पढ़ रहे बच्चे

demo pic - फोटो : Getty
मध्यप्रदेश के बार्डर पर बसे मलकटार गांव की आबादी 700 के करीब है। यहां स्कूली बच्चों की संख्या भी काफी ज्यादा है लेकिन वह डर के मारे स्कूल नहीं जा पाते। उन्हें डर है कि स्कूल का पुराना भवन पता नहीं कब गिर जाए। 

स्कूल की ही कक्षा आठ की छात्र शालू ने बताया कि हमें पुराने स्कूल में बैठकर पढ़ने से डर लगता है पता नहीं कब वह गिर जाए। स्कूल के हेडमास्टर रविद्र वाघ ने बताया कि फिलहाल जहां वह बच्चों को पढ़ा रहे हैं वहां कोई जरूरी संसाधन नहीं है, न ब्लैकबोर्ड है न कुर्सियां और न पढ़ाई का माहौल। 

टीन के एक छोटे से कमरे में तीन शिक्षक 16 बच्चों को जैसे तैसे शिक्षा दे रहे हैं। बच्चों को शिक्षा के लिए यहां बुनियादी ढांचे की अति आवश्यकता है इस संबंध में मैं कई बार शिक्षा अधिकारियों को भी सूचित करा चुका हूं लेकिन वह हर बार संयम रखने की सलाह दे देते हैं। यही कारण है धीरे धीरे बच्चे भी शिक्षा से दूर हो रहे हैं फिलहाल कक्षा 1 से 8 तक मात्र 16 बच्चे ही स्कूल में हैं।
 
विज्ञापन

भवन न होने के कारण स्कूल में घट गई बच्चों की संख्या

- फोटो : hindustan times
स्‍थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार उस जगह से कब्जा छोड़ने के लिए तैयार ही नहीं है, वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर लोगों को भी डराता धमकाता रहता है। 

सर्व शिक्षा अभियान के ब्लॉक संयोजक संतोष पवार ने बताया कि तीन साल पहले नए स्कूल की बिल्डिंग पुराने सरपंच ने एक बांध बनाने वाले ठेकेदार को किराए पर दे दिया था। तब से अब तक हम उसे कई नोटिस दे चुके हैं लेकिन वह इसे खाली करने को तैयार ही नहीं है। 

उन्होंने कहा ग्राम पंचायत को स्कूल का भवन किसी को किराए पर देने का अधिकार नहीं है। वहीं पूर्व सरपंच का कहना है कि उस दौरान कुछ समय के लिए स्कूल का भवन किराए पर दिया गया था लेकिन अब ठेकेदार मनमर्जी दिखा र‌हा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें