मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'अमर उजाला संवाद' में अपने पारिवारिक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, "जब मैं भोपाल आया था, तब मेरे दो बच्चे यहीं पढ़ाई कर रहे थे। मेरी बेटी की शादी हो चुकी है और बेटे की शादी होने वाली थी। उसी समय बेटे की पढ़ाई भी पूरी हो गई थी। मैंने उसे जिम्मेदारियां समझाईं और कामकाज की जानकारी दी।"
मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, "छात्र राजनीति के समय हम पोहे की दुकान पर भी जाया करते थे।" उन्होंने आगे बताया, "शादी के बाद मैंने अपने बेटे से कहा कि अब तुम्हें सब संभालना है। अब वह सब कुछ संभाल रहा है। पिता के निधन के बाद अब वही परिवार और कामकाज देख रहा है। कई बार भावुक होकर रो भी चुका है, लेकिन जिम्मेदारी निभा रहा है।"
'50 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाने हैं'
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जो अगले दो साल में 50 नए मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहा है। उन्होंने बताया कि यूनियन कार्बाइड का कचरा पिछले 40 साल से पड़ा था, लेकिन कोई उसे हटाने को तैयार नहीं था। बीआरटीएस (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) पर भी कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया था।
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सीएम ने आगे कहा कि जल गंगा संरक्षण अभियान के तहत अब भोपाल झील में चलने वाली नावों (शिकारों) में लोग चंदेरी की साड़ियां भी खरीद सकेंगे। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति बड़ी है, इसलिए राज्य सरकार ने खुद की विमान सेवा शुरू की है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में पीएम एयर एंबुलेंस की भी शुरुआत की गई है, जिससे आपात स्थिति में लोगों को तेज़ी से इलाज मिल सकेगा।