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'तीन पत्नी रखो, एक बच्चे पैदा करने के लिए और दो पानी भरने के लिए'

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पानी की समस्या से जूझ रहा मध्यप्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। यहां पानी की समस्या लगातार गहराती जा रही है लेकिन सरकारें इस दिशा में कोई काम नहीं करतीं। लेकिन यहां के एक अधिकारी ने पानी की किल्लत को दूर करने के लिए लोगों को एक अजीब सुझाव सुझाया है।
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क्षेत्र के एक एसडीएम ने इस समस्या के निदान के लिए लोगों को बहूविवाह की सलाह दी है। एसडीएम का कहना है कि लोगों को तीन शादी करनी चाहिएं जिससे पानी भरने या लाने में कोई दिक्कत न रहे।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार बुंदेलखंड के टीकमढ़ जिले के जतारा के एसडीएम बीके पांडे लिढोरा गांव में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

क्षेत्रवासियों ने जब पानी की समस्या के बारे में उन्हें बताया तो उन्होंने लोगों से कहा कि लोगों को तीन शादी करनी चाहिएं, एक बच्चे के लिए दो पानी भरने के लिए। उन्होंने बताया कि मैं कुछ दिन पहले ब्लाक के बैरवार गांव से गुजर रहा तो देखा दो महिलाएं रात में पानी भरने के लिए जा रही हैं।
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पानी के संकट से जूझ रही बुंदेलखंड की आबादी

उन्होंने माना कि पानी यहां एक बड़ी समस्या है। ऐसे में जो लोग संपन्न हैं उन्हें तीन शादियां करनी चाहिएं अगर वो पानी पीना चाहते हैं। लेकिन जो तीन बीवीयों का खर्च वह नहीं कर सकते उन्हें यह काम नहीं करना चाहिए। एसडीएम के इस बयान के बाद बवाल मच गया है। लोगों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया है।

उनका यह बयान तब आया जब वे ये जानते हैं कि बुंदेलखंड में गिरता लिंगानुपात एक चिंता का विषय है। पांडे खुद मानते हैं कि हां ये सत्य है, बुंदेलखंड में औरतों की संख्या कम है। हालांकि वो इसके लिए भी पडोसी शहर यूपी के झांसी को दोष देते हैं।

उनके इस बयान पर एनजीओ चलाने वाले निशांत व्यास कहते हैं कि क्या उन्हें यहां की स्थिति की जानकारी नहीं है। यहां औरतों की कम संख्या के बारे में वो नहीं जानते हैं।

व्यास कहते हैं कि क्षेत्र में लोग अपनी बेटियों की शादी करने से भी डरते हैं क्योंकि वो जानते हैं कि उनकी बेटियों को शादी के बाद काफी दूर से पानी लाना पड़ेगा। बुंदेलखंड में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई है।  क्षेत्र के टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह और सागर जिले पानी के भयंकर संकट से जूझ रहे हैं।
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