मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने देर रात 12.20 बजे राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। बकौल कमलनाथ, राज्यपाल ने मुझसे कहा कि विधानसभा की कार्यवाही निर्बाध चलनी चाहिए। लिहाजा मैंने उन्हें बताया कि इस संबंध में मैं सोमवार सुबह स्पीकर से बात करूंगा। शक्ति परीक्षण का फैसला भी स्पीकर ही लेंगे। हम शक्ति परीक्षण के लिए तैयार हैं लेकिन बंधक बनाए गए विधायकों को पहले रिहा किया जाए। इससे पहले भाजपा विधायक दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे जहां से वे भोपाल एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।
भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश सरकार पर फ्लोर टेस्ट से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब राज्यपाल ने अपने संबोधन के बाद सरकार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दे दिया है तब मुख्यमंत्री यह क्यों कह रहे हैं कि यह अधिकार स्पीकर के पास है और उनके पास नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि मैं मुख्यमंत्री को बताना चाहता हूं कि विधानसभा में जो भी होता है वह सरकार द्वारा तय किया जाता है और स्पीकर केवल सरकार द्वारा तय किए गए कार्यों के आधार पर काम करते हैं।
इससे पहले उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश सरकार ने अपना बहुमत खो दिया है, यही कारण है कि मुख्यमंत्री इससे दूर भाग रहे हैं। हम सरकार से कल विश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कहेंगे। मुख्यमंत्री ने तो पहले कहा था कि वह एक फ्लोर टेस्ट चाहते हैं, फिर वह ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? हमारी एकमात्र मांग फ्लोर टेस्ट है।
गोपाल भार्गव बोले- सरकार को कराना होगा बहुमत परीक्षण
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राजभवन से निकलकर कहा कि सरकार को बहुमत परीक्षण कराना आवश्यक है। राज्यपाल ने कहा है कि वे इसपर शीघ्र निर्णय लेंगे। सीएम कमलनाथ द्वारा विधायकों की अनुपस्थिति पर बहुमत परीक्षण नहीं कराने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ही विधायक गैरमौजूद हैं। इसमें भाजपा की कोई भी भूमिका नहीं है। कांग्रेस अपने विधायकों के लिए स्वयं जिम्मेदार है।
मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यसूची जारी
मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यसूची जारी कर दी गई है। इसमें बहुमत परीक्षण का जिक्र नहीं है। इसमें सिर्फ राज्यपाल के अभिभाषण का जिक्र है। इसके आधार पर कहा जा सकता है कि सोमवार को सदन में कमलनाथ सरकार का बहुमत परीक्षण का प्रस्ताव शायद न आए। यानि बहुमत परीक्षण पर संशय नजर आ रहा है।
इससे पहले मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने बहुमत परीक्षण को लेकर टिप्पणी से इनकार कर दिया था। इस तरह से अब सभी की निगाहें उनपर ही लगी हैं कि क्या वह सोमवार को सदन में कमलनाथ सरकार का बहुमत परीक्षण करवाएंगे।
सपा करेगी कांग्रेस का समर्थन
सियासी हलचल के बीच समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस सरकार को समर्थन देने का एलान किया है। सपा ने विधायक राजेश शुक्ला को बहुमत परीक्षण के दौरान कांग्रेस सरकार का समर्थन करने का निर्देश दिया है।
सीएम कमलनाथ के आवास पर पहुंचे कांग्रेस विधायक
सियासी हलचल के बीच तमाम कांग्रेस विधायक सीएम कमलनाथ के आवास पर पहुंचे जहां विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में करीब 80 विधायकों के पहुंचने की सूचना मिली। मंत्री तरुण भनोत के अनुसार, बैठक में बजट प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जबकि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि सरकार फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है।
कांग्रेस के 16 बागी विधायकों का स्पीकर को पत्र
बंगलूरू में ठहरे सिंधिया खेमे के मध्यप्रदेश कांग्रेस के 16 बागी विधायकों ने रविवार को विधानसभा अध्यक्ष को अपना त्यागपत्र फिर से भेजा है। इसमें कहा गया है कि जिस प्रकार शनिवार को इनके छह विधायक साथियों के त्यागपत्र मंजूर किए गए हैं, उसी प्रकार ये इस्तीफे भी मंजूर किए जाएं। इन विधायकों के नाम हैं-
- जजपाल जज्जी, बृजेंद्र यादव, रणवीर जाटव, कमलेश जाटव, गिरिराज दंडोतिया, मनोज चौधरी, ओपीएस भदौरिया, रक्षा संतराम सरोनिया, सुरेश धाकड़, राज्यवर्धन सिंह, बिसाहूलाल सिंह, हरदीप सिंह डांग, जसवंत जाटव, मुन्नालाल गोयल, आर कंषाना, अदलसिंह कंषाना।
विधायकों का मेडिकल टेस्ट
मध्यप्रदेश में जारी सियासी ड्रामे के बीच जयपुर में ठहरे 82 कांग्रेसी विधायक (निर्दलीय भी शामिल) भोपाल पहुंच गए। इन विधायकों को कड़ी सुरक्षा में मैरियट होटल ले जाया गया। यहां इन सभी का मेडिकल चेकअप हुआ। एक-एक कर सभी विधायकों की जांच हुई। इससे पहले कमलनाथ सरकार ने वल्लभ भवन में राज्य कैबिनेट की बैठक ली। इसमें सभी विधायकों का स्वास्थ्य परीक्षण करने और सभी स्कूल, कॉलेजों को अगले आदेश तक बंद करने का फैसला लिया गया था।
(इंदौर 1 के विधायक संजय शुक्ला का परीक्षण करते हुए डॉक्टर)
भाजपा की मांग, हाथ उठाकर कराया जाए मतदान
रविवार को भाजपा नेताओं ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात कर मांग की कि विधानसभा में इलेक्ट्रानिक वोटिंग प्रणाली काम नहीं करने की स्थिति में शक्ति परीक्षण के दौरान मत विभाजन विधायकों का हाथ उठाकर कराने की व्यवस्था की जाए। टंडन से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि उन्हें पता चला है कि विधानसभा में इलेक्ट्रानिक वोटिंग प्रणाली काम नहीं कर रही है, इसलिए हमने राज्यपाल से आग्रह किया है कि सदन में मतों का विभाजन हाथ उठाकर किया जाए।
प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव ए पी सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश विधानसभा में इलेक्ट्रानिक मतदान प्रणाली नहीं है। मतों के विभाजन कराने के लिए हमारी एक निर्धारित प्रक्रिया है जिससे तहत विधायकों को लॉबी में रखे रजिस्टर में उनके नाम और निर्वाचन क्षेत्र के साथ हस्ताक्षर करना होता है। विधायकों से पक्ष और विपक्ष में अलग अलग दो कॉलम हस्ताक्षर किए जाते हैं।
राज्यपाल ने भी बाद में अपने आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि बटन दबाकर नहीं बल्कि हाथ उठाकर बहुमत परीक्षण कराया जाए।
विधायकों की सीआरपीएफ सुरक्षा पर आपत्ति नहीं: बाला बच्चन
मध्यप्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि बंगलूरू में भाजपा द्वारा कथित तौर पर बंधक बनाए गए कांग्रेस विधायकों को अगर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सुरक्षा चाहिए तो मध्यप्रदेश सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि, मध्यप्रदेश पुलिस उन्हें सुरक्षा देने से पूरी तरह सक्षम है। बाला बच्चन ने एक बयान जारी कर कहा कि बार-बार मीडिया के माध्यम से यह बात सामने आ रही है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा बंगलूरू में बंधक बनाए गए कांग्रेस विधायकों द्वारा सीआरपीएफ की सुरक्षा मिलने पर ही भोपाल आने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस सुरक्षा देने में पूरी तरह सक्षम है। फिर भी अगर बंधक बनाए गए विधायकों को यह महसूस होता है कि और मजबूत सुरक्षा चाहिए तो वे सीआरपीएफ की सुरक्षा ले सकते हैं।
स्पीकर ने कहा, मुझसे सीधे क्यों नहीं मिलते विधायक
मध्यप्रदेश विधानसभा स्पीकर ने कहा, मैं उन विधायकों का इंतजार कर रहा हूं जिन्हें किसी न किसी माध्यम से मुझे इस्तीफे भेजे हैं, वे मुझसे सीधे संपर्क क्यों नहीं करते। विधानसभा के सदस्यों के साथ जो हो रहा है उससे मैं चिंतित हूं। ये स्थिति राज्य में लोकतंत्र पर सवाल उठाती है।
बहुमत परीक्षण होने के आसार कम
मध्यप्रदेश में कल बहुमत परीक्षण होने के आसार कम। कांग्रेस नेता व वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघव और विवेक तनखा लगातार सीएम कमलनाथ के संपर्क में हैं। कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष की लाइन पर अमल कर सकते हैं मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष। दिल्ली से कांग्रेस के कुछ नेता मध्यप्रदेश के लिए रवाना हुए हैं।
भाजपा की रणनीति
वहीं, खबर है कि भाजपा ने नरेंद्र तोमर, धर्मेंद्र प्रधान शिवराज सिंह चौहान, नरोत्तम मिश्रा, वीडी शर्मा और कैलाश विजयवर्गीय को मोर्चे पर लगाया है। नरेंद्र तोमर, शिवराज चौहान, विजयवर्गीय लगातार केंद्रीय नेतृत्व के संपर्क में रहेंगे। विजयवर्गीय पर्दे के पीछे सक्रिय रहेंगे। शिवराज को प्रदेश के नेताओं को साधने की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा सरकार बनी तो शिवराज सीएम होंगे। तोमर को लग रहा है कि सरकार बनने और चलाने की चुनौती काफी बड़ी है।
आज दिल्ली में अमित शाह के साथ उनके आवास पर धर्मेंद्र प्रधान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज ने डेढ़ घंटे तक बैठक की। इसमें सिंधिया ने खुलकर अपनी राय रखी। शाह ने पीएम नरेंद्र मोदी को भी अपडेट किया। शाह ने केंद्रीय गृह सचिव से भी चर्चा की। बताते हैं कि शाह और तुषार मेहता के बीच भी टेलीफोन पर चर्चा हुई।
संसद में उठेगा मामला
साथ ही खबर है कि कल संसद में मध्यप्रदेश सरकार को अस्थिर करने का मामला उठेगा। साथ ही भाजपा व कांग्रेस की तरफ से अदालत जाने की भी तैयारी है।
बहुमत परीक्षण को लेकर रणनीति
कहा जा रहा है कि सोमवार को विधायक मुख्यमंत्री निवास से सीधे विधानसभा पहुंचेंगे। सूत्रों के अनुसार, गुड़गांव के मानेसर में एक रिजॉर्ट में ठहरे भाजपा विधायकों को भी रविवार को भोपाल लाया जा सकता है। वहीं बंगलूरू से सिंधिया समर्थक कांग्रेस विधायकों को भी कल विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले भोपाल लाए जाने की संभावना है।
भाजपा विधायकों से मिलने गुरुग्राम पहुंचे शिवराज
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान गुरुग्राम के होटल आईटीसी ग्रांड भारत पहुंच गए हैं। यहीं पर भाजपा के विधायक ठहरे हुए हैं।
विधायकों का होगा परीक्षण: पीसी शर्मा
मध्यप्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, 'राज्य की कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया है कि कोरोना वायरस के मद्देनजर जो विधायक जयपुर से आए हैं उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। जो लोग हरियाणा और बंगलूर में ठहरे हुए हैं उनका भी परीक्षण होगा। इसके अलावा अगले आदेश तक सभी स्कूल, कॉलेज, लाइब्रेरी, सिनेमा हॉल, मैरिज हॉल आदि को बंद कर दिया गया है। राज्य में 50 पृथक केंद्र खोले गए हैं। हम इससे निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।'
सॉलिसिटर जनरल से मिले भाजपा नेता
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, धर्मेंद्र प्रधान, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से उनके आवास पर मुलाकात की।