मध्य प्रदेश पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दे दिया है। सरकार कह रही है कि OBC रिजर्वेशन के बिना पंचायत चुनाव नहीं करवाएगी। इसके बाद भी इस मुद्दे को लेकर OBC महासभा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महासभा ने सरकार से संविधान संशोधन कर ओबीसी को 27% आरक्षण देने की मांग की है। साथ ही इस मुद्दे पर 2 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास घेरने और जन महाआंदोलन करने की चेतावनी दी है।
ओबीसी महासभा ने कहा कि 17 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव में OBC रिजर्वेशन खत्म कर दिया। 24 दिसंबर को जिला स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण खत्म करने के विरोध में ज्ञापन प्रदर्शन किया जाएगा। ओबीसी महासभा की मांग है कि संविधान संशोधन कर 27% OBC आरक्षण को लागू किया जाए। संसद या नौवीं अनुसूची में इसे शामिल करें। ईडब्ल्यूएस कोटे की तरह संविधान संशोधन कर राज्यों में 27% OBC रिजर्वेशन लागू किया जाए। भाजपा सरकार पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग को 51% आरक्षण दें। अजा को 8% आरक्षण के विरुद्ध 16% आरक्षण दिया जाए। अजजा को 14% आरक्षण के विरुद्ध 20% आरक्षण दिया जाए। 2021 की जनगणना में ओबीसी समाज की जातीय जनगणना की जाए।
महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. आनंद राय ने कहा कि OBC आरक्षण पर हमें रोज रोज की किचकिच, मुकदमेबाजी, कोर्ट-कचहरी नहीं चाहिए। हमें संविधान संशोधन चाहिए। सरकार बोल रही है कि OBC आरक्षण के साथ ही चुनाव होंगे, लेकिन बता नहीं रही कैसे? सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अप्रभावी बनाने के लिए यह मुद्दा नौवीं अनुसूची में डाले बिना आरक्षण संभव नहीं है।