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MP News: मंदसौर में 11.75 लाख का लोन लिया, 10 लाख जमा किए फिर भी 12 लाख बकाया

Thu, 29 Feb 2024 06:38 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर

सार

मध्य प्रदेश के मंदसौर में साहूकारी और ब्याजखोरी का मामला सामने आया है। एक निजी फाइनेंस कंपनी पर आरोप है कि उसने 11.75 लाख रुपये का कर्ज दिया। दस लाख रुपये जमा करने के बाद भी 12 लाख रुपये बकाया बताए जा रहे थे। मामला पुलिस के पास पहुंचा है। फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
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फाइनेंस कंपनी की शिकायत लेकर लोग थाने पहुंचे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मंदसौर में एक निजी फाइनेंस कंपनी की धोखाधड़ी सामने आई है। फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने किसान को 11.75 लाख रुपये का लोन दिया। बदले में दस लाख रुपये जमा करने के बाद भी कंपनी उस पर 12 लाख रुपये बकाया मांग रही थी। साथ ही बकाया नहीं चुकाने पर किसान को घर खाली करने की धमकी दे रही थी। इसके विरोध में किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द पुलिस चौकी पहुंच गए। किसान को परेशान करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। फाइनेंस कंपनी के अधिकारी का कहना है कि आरोप गलत है। हमें बदनाम किया जा रहा है। धमकी देने वाले अधिकारियों को पुलिस ने एक दिन पूर्व पुलिस थाने बुलाया था, लेकिन वे नही पहुंचे। 
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जानकारी के अनुसार गांव काचरिया चन्द्रावत निवासी हीरालाल पिता बगदीराम पाटीदार ने बताया कि मैंने तिरुपति प्लाजा मंदसौर पर स्थित विस्तार फायनेंस कंपनी लिमिटेड से 11 लाख 75 हजार रुपए का लोन 2019 में लिया था। 23 हजार 295 रुपये की किस्त के हिसाब से 43 किस्तें जमा करा दी। करीब 10 लाख से अधिक जमा कराने के बाद भी फाइनेंस कपंनी ने 12 लाख रुपए और बकाया निकाल दिए। जमा कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। हीरालाल ने बताया कि कंपनी ने जो ब्याज दर बताई थी, उससे बहुत ज्यादा ब्याज दर जोड़कर रुपये वसूल करने लगे। 17 फरवरी को विवेक दांतरे, गौरव कल्याणे व एक अन्य व्यक्ति गांव काचरिया चन्द्रावत आए और वसूली के लिए दबाव बनाया। जबरन घर में घुस गए और बोले कि बाकी रुपए जमा कराओ। अधिकारियों ने घर में महिलाओं से भी अभद्र व्यवहार किया। गाली-गलौज की व धमकी दी कि अगर रुपए जमा नही कराए तो तुम्हारे घर पर ताला लगा देंगे। किसान ने बताया कि मैंने राशि जमा करा दी। उसके बाद भी पेनल्टियां लगा दी। उसका हिसाब भी नहीं देते हैं। रोज मोबाइल पर काॅल कर धमकियां दी जा रही है। किसान ने 27 फरवरी को शाम पुलिस चौकी पर शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने संबंधित फायनेंस कंपनी अधिकारी को काॅल कर 28 फरवरी को पुलिस चौकी बुलाया था।

ग्रामीणों के साथ जोकचन्द पहुंचे पुलिस चौकी
किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द ग्रामीणों व किसानों के साथ पुलिस चौकी पहुंचे व फायनेंस कंपनी अधिकारियों को बुलाने के लिए कहा। लेकिन फायनेंस कंपनी के अधिकारियों ने आने से इंकार कर दिया। जोकचन्द ने किसान से अवैध वसूली करने, धमकी देने व घर में घुसकर महिलाओं से अभद्र व्यवहार करने वाले फायनेंस कंपनी के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
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आरोप गलत, हमें बदनाम कर रहे हैं 
कंपनी के कलेक्शन ऑफिसर गौरव कल्याणे का कहना है कि किसान के आरोप गलत है। हमने धमकी नहीं दी है। किसान ने 25 फरवरी तक साढ़े तीन लाख रुपये व बाकी राशि पांच मार्च तक जमा कराने को कहा था। इसके चेक भी दे रखे हैं। लिखित में हस्ताक्षर कर यह बात कंपनी को दी थी। इसके वीडिया व दस्तावेज भी हमारे पास है। नियत तिथि को राशि जमा नहीं कराई। काॅल रिसीव नहीं करने पर हम गांव गए थे। घर में भी नहीं गए। अभद्र व्यवहार करने का आरोप गलत है। हमें बदनाम किया जा रहा है।
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