पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया शिवपुरी जिले के प्रभारी मंत्री है। जिला पुलिस अधीक्षक ने 10 थानों के टीआई के ट्रांसफर किए गए। इसको लेकर मंत्री का कहना है कि उनको जानकारी में लाए बिना थानों में टीआई की नियुक्ति कर दी गई। इसको लेकर ही सिसोदिया ने जिला से लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को निरंकुश प्रशासक बता दिया। मंत्री ने शिवपुरी के कलेक्टर से ट्रांसफर की लिस्ट मांगी थी, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इससे मंत्री की नाराजगी और बढ़ गई। मंत्री ने कहा कि प्रशासन निरंकुश हो गया है। मंत्री ने कहा कि उनकी हर उस अधिकारी से नाराजगी है जो हमारी पार्टी और संगठन के साथ काम नहीं करता है। बता दें इकबाल सिंह बैंस को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का खास और भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है।
सीएम शिवराज की तारीफ की
मंत्री सिसोदिया ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए उनको अच्छा बताया, लेकिन उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव जैसे अधिकारी के पास मेरे लिए शब्द नहीं हैं। वहीं, सिसोदिया की नाराजगी का एक अन्य कारण गुना में एक कार्यक्रम में प्रोटोकॉल नहीं मिलना भी बताया जा रहा है। दरअसल कार्यक्रम स्थल पर प्रोटोकॉल अधिकारी उपस्थित नहीं थे। सिसोदिया ने इस बारे में भी कलेक्टर को पत्र लिखकर जवाब मांगा, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया।
सीएम की जगह सिंधिया को पत्र
खास बात यह है कि मंत्री सिसोदिया ने अधिकारियों को लेकर कार्रवाई करने को लेकर कलेक्टर शिवपुरी को पत्र लिखा। इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को को ना भेजकर नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निज सचिव और अपर मुख्य सचिव गृह विभाग भोपाल को भेजी।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
वहीं, इस मामले में चीफ सेक्रेट्री मंत्री सिसोदिया के आरोपो पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में नौकरशाही हावी है। उन्होंने सीएम शिवराज पर नौकरशाही को संरक्षण देने का आरोप लगाया। साथ ही सवाल किया कि नौकरशाही पर लगाम क्यों नहीं लगाई जा रही है।