नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने गुरुवार सुबह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और उससे जुड़े लिंक्स पर देशभर में छापेमारी की है। टेरर फंडिंग और ट्रेनिंग कैम्प चलाने के मामले में इंदौर और उज्जैन में भी एनआईए की छापेमारी हुई है। यहां से पीएफआई के चार लीडर्स को हिरासत में लिया गया है। पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल करीम को भी हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा जावेद, खालिद और उज्जैन से जमील को हिरासत में लिया गया है। एनआईए और ईडी ने टेरर फंडिंग के हिसाब-किताब के अलावा मध्यप्रदेश से कई भड़काऊ साहित्य भी बरामद किए हैं। हिरासत में लिए गए सभी संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
एनआईए और ईडी की देशभर में कार्रवाई चल रही है। करीब 12 राज्यों में छापेमारी में 100 से ज्यादा पीएफआई और उससे जुड़े लिंक के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी में डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और नकदी बरामद हुई। मध्यप्रदेश में पीएफआई का नाम कई मामलों में सामने आया था। खरगोन में रामनवमी के जुलूस के बाद हुए दंगों को सुनियोजित साजिश बताकर उसकी लिंक पीएफआई से भी जोड़ी गई थी। इसके बाद प्रदेश के अन्य इलाकों में भी पीएफई की सक्रियता के दावे किए जा रहे थे। ऐसे में यह कार्रवाई पीएफआई के मंसूबों को सामने ला सकती है। पीएफआई को मालवा-निमाड़ क्षेत्र में एक्टिव माना जाता है। कुछ लोगों का दावा है कि सिमी के ही सक्रिय सदस्य अब पीएफआई में जुड़ गए हैं। इस मामले में मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि टेरर फंडिंग से जुड़े मामलों की और भी जानकारी जुटाई जा रही है।
इंदौर के एसीपी ने की पुष्टि
इंदौर में एडिशनल पुलिस कमिश्नर (एसीपी) राजेश हिंगणकर ने पीएफआई पर की गई इस कार्रवाई की पुष्टि की है। गिरफ्तार किए गए लोगों में पीएफआई का स्टेट हेड अब्दुल करीम बेकरी और जावेद शामिल है। पीएफआइ का एक अन्य प्रमुख पदाधिकारी अब्दुल रऊफ बेलिम पहले से जिलाबदर बताया जा रहा है। इंदौर में जवाहर मार्ग स्थित पीएफआई के ऑफिस में भी एनआईए की टीम ने जांच की है। इस दौरान टेरर फंडिंग से जुड़े दस्तावेज समेत अन्य साहित्य मिलने की बात सामने आ रही है।