लक्ष्मी नारायण गुप्ता का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।
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मध्य प्रदेश की पहली विधानसभा के सदस्य रहे लक्ष्मी नारायण गुप्ता का लंबी बीमारी के बाद झांसी में बुधवार को निधन हो गया। उनका शव झांसी से शिवपुरी के पिछोर लाया जाएगा। गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। शासन ने पिछोर में स्मृति पार्क निर्मित कर प्रतिमा स्थापना का निर्णय लिया है।
लक्ष्मी नारायण गुप्ता को नन्ना जी के नाम से भी जाना जाता है। बीते साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में नन्ना जी से मुलाकात की थी। वे पिछोर विधानसभा से पांच बार विधायक चुने गए। वे सुंदरलाल पटवा सरकार में राजस्व मंत्री बने।
नन्ना जी का जन्म 6 जून 1918 को अशोकनगर जिले के ईसागढ़ तहसील में मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। 1943 में वे समाजसेवा के काम में जुट गए। 1944 में नन्ना जी हिन्दू महासभा से जुड़े और 1947 में डॉ. श्यामप्रसाद मुखर्जी जब हिन्दू महासभा के अध्यक्ष बने तो नन्ना जी को कार्यकारिणी सदस्य बनाया। 1949 में जिला सहकारी केन्द्र बैंक में डायरेक्टर रहे। उनके निधन पर प्रदेशभर के नेताओं ने श्रद्धा-सुमन अर्पित किए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर शोक जताया है।
शिवराज ने लिखा कि श्री लक्ष्मी नारायण गुप्ता मध्यप्रदेश की प्रथम विधानसभा के सदस्य एवं मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री रहे। जनसंघ की स्थापना में आप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राजस्व मंत्री के रूप में राजस्व प्रशासन में आपने अनेक महत्वपूर्ण बदलाव किए। गहोई वैश्य समाज के रत्न लक्ष्मी नारायण गुप्ता 104 वर्ष की आयु तक सक्रिय एवं प्रेरणास्रोत रहे। संपूर्ण राजकीय सम्मान के साथ कल उनकी अंत्येष्टि पिछोर में की जाएगी। शासन ने पिछोर में स्मृति पार्क निर्मित कर प्रतिमा स्थापना का निर्णय लिया है। श्रीचरणों में विनम्र श्रद्धांजलि। पारिवारिक सूत्रों ने बताया है कि नन्ना जी का शव झांसी से शिवपुरी के पिछोर लाया जा रहा है। गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।