कांग्रेस नेता डॉ. गोविंद सिंह
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मध्य प्रदेश सरकार 15 नवंबर जनजाति वर्ग के भगवान बिरसा मुंडा की जयंती गौरव दिवस के रूप में मनाने जा रही है। शहडोल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। मुख्यमंत्री ने आदिवासी ग्राम सभा को सख्त करने पेसा एक्ट लागू करने का ऐलान किया है। इस बीच राजनीति दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।
कांग्रेस नेता और विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने पेसा एक्ट के प्रावधानों को लेकर सवाल उठाए है। उन्होंने पेसा एक्ट को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के चुने हुए सरपंचों, जनपद सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों के अधिकार छीन लिए। जैसे गांव में बिच्छू का डंक काट देते हैं, तो बच्चे उसको हाथ में लिए फिरते हैं, वैसे ही पंचायतों के चुने हुए जनप्रतनिधियों सरपंच, जनपद सदस्यों के डंक काटकर उनके अधिकार छीनकर पावरलैस कर दिया। हम कैसे विश्वासस कर लें कि मुख्यमंत्री पेसा एक्ट का कानून बनाकर जो लागू कर रहे हैं, उसका लाभ आदिवासियों को मिलेगा। यह सिर्फ चुनाव तक के लिए गुमराह करने का षड्यंत्र है।
गोविंद सिंह के बयान पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि गोविंद सिंह को अध्ययन कर पहले देखना चाहिए कि पेसा एक्ट क्या है। वह केवल बिच्छू और डंक का ही काम करते हैं। इसलिए उनको यही याद आता है। शर्मा ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए कल का दिन ऐतिहासिक होगा।
वहीं, मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को बिच्छू बोलना दुर्भाग्य है। इससे ज्यादा शर्मनाक क्या होगा, जिन लोगों को जनता चुनकर अपना जनप्रतिनिधि बना रही है। उसे कांग्रेस के लोग बिच्छू बोल रहे हैं।