राज्य शासन ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर इंदौर एवं भोपाल के पुलिस कमिश्नर और जिलों के पुलिस अधिकारियों को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) एवं सहयोगी संगठनों के विरुद्ध यूएपीए में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने बताया है कि केन्द्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और इसके सहयोगी संगठन रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई), ऑल इंडिया इमाम्स काउंसिल (एआईआईसी), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन, नेशनल विमेन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एंपावर इंडिया फाउंडेशन तथा रिहैब फाउंडेशन केरल को विधि-विरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम 1967 (UAPA) अंतर्गत प्रतिबंधित कर दिया है।
एसीएस डॉ. राजौरा ने बताया कि केन्द्र सरकार की अधिसूचना दिनांक 27 एवं 28 सितम्बर 2022 के क्रम में मध्यप्रदेश में इंदौर और भोपाल के पुलिस आयुक्तों और समस्त ज़िला मजिस्ट्रेट को अपने क्षेत्राधिकार में उक्त अधिनियम की धारा 7 और 8 के अधिकारों के उपयोग के लिए अधिकृत करने संबंधी अधिसूचना गृह विभाग, म.प्र. शासन द्वारा राजपत्र में प्रकाशित कर जारी की गई है।
पुलिस मुख्यालय ने जिलों को किया अलर्ट
पीएफआई पर प्रतिबंध के बाद प्रदेश में पुलिस को अलर्ट रहने को कहा है। पुलिस मुख्यालय की तरफ से इंदौर और भोपाल में पुलिस आयुक्त और अन्य जिलों में एसपी को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। पीएफआई की सक्रियता ज्यादा होने वाले जिलों को ज्यादा अलर्ट रहने को कहा गया है। इनमें इंदौर, उज्जैन, खंडवा, मंदसौर, श्योपुर, नीमच और भोपाल शामिल हैं। ऐसी आशंका है कि पीएफआई से जुड़े लोग विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।