उमरिया जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ में लगातार हो रही तेंदुए की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। बांधवगढ़ में जहां सप्ताह भर में लगातार तेंदुए की मौत का मामला थमा भी नहीं था कि फिर एक तेंदुए की मौत ने प्रबंधन पर सवाल खड़ा कर दिया है। पनपथा बफर क्षेत्र में बुधवार को फिर एक तेंदुए के शव को गश्ती दल ने देखा है, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई। जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने तेंदुए के शव को चिकित्सीय परीक्षण के बाद उसका अंतिम संस्कार किया।
जानकारी के मुताबिक, बांधवगढ़ के पनपथा बफर क्षेत्र की करौंदिया बीट के कक्ष क्रमांक पीएफ 609 से लगे राजस्व क्षेत्र की सीमा के पास तेंदुआ शावक, जिसकी उम्र लगभग सात से आठ महीने है। गश्ती दल ने मृत अवस्था में पाया है। गश्ती दल के द्वारा तत्काल प्रबंधन को सूचना दी गई, जिसके बाद प्रबंधन और डॉक्टर मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया।
तेंदुआ मौत के मामले में बताया गया कि प्रथम दृष्टया तेंदुए की मौत होने की वजह किसी बाघ के हमले से होना प्रतीत होता है। मृत तेंदुआ के गले और शरीर के अन्य हिस्सों में बाघ के दांतो के निशान भी देखे गए हैं। उसके आसपास बाघ के पद चिन्ह भी पाए गए हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि तेंदुए की मौत की वजह बाघ का हमले से होना प्रतीत होता है। तेंदुए के शव को वन्य प्राणी के निर्धारित प्रोटोकाल के तहत वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में उसका अंतिम संस्कार कराया गया है।