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MP News: मध्य प्रदेश में पहली बार धनतेरस पर मेडिकल कॉलेजों में भगवान धन्वंतरि की पूजा हुई

Sat, 22 Oct 2022 12:04 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश में पहली बार धतनेरस पर मेडिकल कॉलेजों में भगवान धन्वंतरि की पूजा हुई। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने भगवान धन्वंतरि की पूजा की।
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मंत्री सारंग ने गांधी मेडिकल कॉलेज में धन्वंतरि भगवान की पूजा की - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में भगवान धन्वंतरि देव पूजा की गई है। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में धन्वंतरि की पूजा आयोजित की गई। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग भगवान धन्वंतरि की पूजा में शामिल हुए। सारंग ने कहा कि हर वर्ष धनतेरस पर चिकित्सा महाविद्यालयों में होगी भगवान धन्वंतरि की पूजा आयोजित की जाएगी। सारंग ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य समाज को स्वस्थ रखना है। भगवान धन्वंतरि हमें इतनी शक्ति दें कि हम समाज को सदैव स्वस्थ रखें। सारंग ने अपील करते हुए कहा कि लक्ष्मी मां के साथ भगवान धन्वंतरि की भी पूजा करें।
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कौन थे भगवान धन्वंतरि
भगवान धन्वंतरि को देवों के चिकित्सक माना गया है। भगवान धन्वंतरि को विष्णु भगवान के 24 अवतारों में से 12वें अवतार माने गए हैं। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान धन्वंतरि की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी। समुद्रमंथन के समय चौदह प्रमुख रत्न निकले थे, जिनमें चौदहवें रत्न के रूप में स्वयं भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए। उनके हाथ में अमृतकलश था। चार भुजाधारी भगवान धन्वंतरि के एक हाथ में आयुर्वेद ग्रंथ और दूसरे में औषधि कलश, तीसरे में जड़ी बुटी और चौथे में शंख विद्यमान है।  

धन्वंतरि है आयुर्वेद के जनक 
भगवान धन्वंतरी ने ही विश्व के कल्याण के लिए औषधियों की खोज की थी। औषधियों पर भगवान धन्वंतरि ने अध्ययन किया। भगवान धन्वंतरि ने इसके अच्छे बुरे प्रभाव पर ग्रंथ लिखा। जिसकी जानकारी धन्वंतरि संहिता में दी गई है। सुश्रुत ने इससे ही आयुर्वेदिक चिकित्सा की शिक्षा प्राप्त की और आयुर्वेद के सुश्रुत संहिता की रचना की।
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