मध्यप्रदेश के सतना जिले में में नशाबंदी और शराबबंदी को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। जिले के एक गांव में फैसला हुआ है कि गांव में ना तो कोई शराब पियेगा और ना ही शराब बेचेगा। अगर ऐसा करता कोई पाया गया। तो उस पर बड़ा जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही उसके खिलाफ सामाजिक बहिष्कार करने की भी बात कही है।
बता दें कि ये सख्ती और अनोखा फैसला सतना जिले के बड़ा इटमा गांव में लिया गया है। यहां के लोगों ने शराब के खिलाफ ये मुहिम शुरू की है। बड़ा इटमा के ग्रामीणों ने 21 अप्रैल अंबेडकर जयंती के दिन आम सभा आयोजित कर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत शराबबंदी करने का फैसला लिया है। सरपंच प्रतिनिधि सुभाष पांडे की मानें तो पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत अवैध शराब बिक्री जोरों पर है। गांव के हर मोहल्ले में शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है। जिसके चलते समाज के युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। जिससे कई प्रकार के घरेलू हिंसा और अपराधों को बल मिल रहा है।
पंचायत के लोगों ने समाज में बढ़ रही इस कुरीतियों को समाप्त करने के लिए फैसला किया है कि पंचायत के ग्रामों में जो कोई भी शराब बेचेगा, बनाएगा या पिएगा उसके लिए जुर्माने की राशि तय कर दी गई है। जिसमें शराब बेचने पर 10 हजार जुर्माना राशि तय की गई है। साथ ही सामाजिक रूप से गांव से बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने पंचायत में जो फैसला लिया है, उसकी सूचना रामनगर थाना टीआई एवं अन्य जिम्मेदार विभागों को दिए जाने की बात कही है।