गिरिजा देवी ने 121 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
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सागर के बीना की रहने वाली गिरिजा देवी ने शुक्रवार को अंतिम सांस ली। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। बीना एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बेटे घनश्याम तिवारी ने उन्हें मुखाग्नि दी।
बता दें कि गिरिजा देवी के पति सिद्धनाथ तिवारी भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में शामिल हुए थे। साल 1971 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर बीना से चुनाव भी लड़ा था। साल 1985 में उनका देहांत हो गया। गिरिजा देवी के चार बेटों में दो का निधन हो चुका है। तीसरे बेटे घनश्याम तिवारी (75) पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड इंजीनियर हैं। सबसे छोटे बेटे डॉ राजेंद्र तिवारी एमबीबीएस डॉक्टर हैं।
आयकर विभाग ने किया था सम्मानित...
गिरिजा देवी अपने पति स्वर्गीय सिद्धनाथ तिवारी की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पेंशन पा रही थी, जिसके कारण वह टैक्सपेयर भी थीं। इसलिए आयकर विभाग ने अपने 160वें स्थापना दिवस पर देश की सबसे उम्रदराज टैक्सपेयर के रूप में उन्हें सम्मानित भी किया था।
फरवरी में हुआ था दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला का निधन...
वहीं, दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला का फरवरी महीने में 118 साल की उम्र में निधन हो गया था। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के मुताबिक, फ्रांस की नन सिस्टर आंद्रे दुनिया की सबसे ज्यादा उम्र वाली महिला थीं। उनका जन्म 11 फरवरी 1904 को हुआ था। 25 दिनों बाद वे 119 साल की हो जातीं। इससे पहले यह रिकॉर्ड जापान की काने तनाका के पास था। पिछले साल अप्रैल में काने तनाका की मौत होने के बाद यह रिकॉर्ड सिस्टर आंद्रे के नाम हो गया था।
दुनिया में सबसे ज्यादा वक्त तक जीवित रहने का रिकॉर्ड भी फ्रांस की महिला के नाम पर ही है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के मुताबिक, फ्रांस की जीन लुईस कैलमेंट 122 साल, 164 दिन तक जिंदा रही थीं, उनका जन्म 1875 में हुआ था।