मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को सभी जिला प्रशासन के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने 19 अगस्त से प्रदेश में फिर बारिश के दौर की संभावना को देखते हुए कलेक्टर्स को संकट से निपटने तैयारी रखने और 4 दिन में ड्यू डिलिवरी वाली महिलाओं को अस्पताल में शिफ्ट करने का काम प्रमुखता से करने को कहा। जनप्रतिनिधियों को भरोसे में लें, इनका रोल महत्वपूर्ण है। रायसेन कलेक्टर ध्यान रखें कि बारना के ऊपर बरगी का पानी जाने से इफेक्ट पड़ेगा। उसके लिए व्यवस्था कर लें। एक SDRF की टीम राजगढ़ भेजें।
मुख्यमंत्री शिवराज के साथ बैठक में एसीएस राजेश राजौरा ने प्रदेश में वर्तमान और आगामी दिनों में वर्षा की स्थिति और एसडीईआरएफ, एनडीआरएफ सहित सुरक्षा बलो की स्थिति से अवगत कराया। बैठक में एसीएस एसएन मिश्रा ने प्रदेश के बांधो में वर्तमान जलस्तर एवं वहां से छोड़े जा रहे पानी की जानकारी से अवगत कराया। सीएम ने कहा कि नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में अभी भारी बारिश की आशंका नहीं है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण पूर्वी और मध्य मध्यप्रदेश में 19 से 23 अगस्त को बारिश का एक दौर और आएगा। जहां भारी बारिश हो सकती है, वहां हम सचेत रहें। हम पानी को बांधों से रेग्युलेट करके निकालें। जिससे बाढ़ की स्थिति भी न बने और बांधों को नुकसान न हो। सीएम ने कहा कि सारी स्थिति हमारे सामने है। भोपाल के प्रमुख डैम से डिस्चार्ज कम हो रहा है जिससे विदिशा में अब आगे समस्या होने की संभावनाएं कम है।
उन्होंने कहा कि मैं सभी को बधाई देता हूं जो सवेरे से प्रबंधन में लगे हैं। कलेक्टर, SDRF, NDRF सहित पूरी टीम लगी हुई है। हमने बुद्धिमत्ता के साथ पानी डिस्चार्ज करने का प्रबंधन किया। आपदा प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से करने में टीम मध्यप्रदेश काफी प्रवीण हो गई है। साइंटिफिक डिज़ास्टर मैनेजमेंट में मध्यप्रदेश देश में उदाहरण बनना चाहिए। हमने 80% ही पानी के भंडारण का निर्णय किया। 20% की गुंजाइश छोड़ी है। बारना, तवा, कोलार का पानी हम व्यवस्थित रूप से छोड़ें। सीएम ने कहा सभी जिले आगे की तैयारी करके रखें। हमारे पास केल्क्युलेशन पहले ही रहे कि कितनी मात्रा में डिस्चार्ज होगा। मौसम के पूर्वानुमान हमेशा एक्यूरेट नहीं होते, इसलिए तैयारी रखें। मैं सभी से कहता हूं कि सभी छोटे-बड़े डैम को चैक करा लें।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 52 छोटे- बड़े बांधों की मॉनिटरिंग करते हैं। अभी 52 में से 27 बांधों के गेट खुले हैं। अभी नर्मदा और बेतवा बेसिन में काफी पानी आया है। बरगी के 21 गेट खुले हैं, तवा के 13 में से 5 गेट खुले हैं। ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर बांध के गेट खुले हुए हैं। कलियासोत, केरवा, हथाईखेड़ा से बेतवा में पानी जा रहा है। मंडीदीप में कलियासोत नदी से पानी आया है लेकिन अब पानी कलियासोत व केरवा में पानी घट रहा है। बीना नदी में भी पानी ऊपर आ गया था लेकिन अब नीचे जा रहा है। भोपाल क्षेत्र में अभी बारिश बंद है। चंबल में डाउनस्ट्रीम में कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनेगी, इसकी हमारी तैयारी है।
कलेक्टर्स ने दी यह जानकारी
विदिशा - बेतवा की सहायक नदियों का पानी कम नहीं हुआ है जिससे 19 गाँव प्रभावित हैं। 300 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया है। 3-4 घंटे में पानी कम होगा। शहर में नौलखी और रंगई में रोड पर बेतवा का पानी आ गया था। हमने 450 लोगों का रेस्क्यू किया है जो बेतवा के किनारे पर थे। 7 में से 1 को छोड़कर सभी डैम भर गए हैं। हमारी सभी जगह टीमें तैनात हैं।
सीहोर - नर्मदा नदी का लेवल अभी नीचे है। नर्मदा के किनारे के गाँवों में समझाइश दे रहे हैं। अभी स्थिति नियंत्रण में है।
बालाघाट - अभी पानी कम हुआ है। हमारे पास NDRF की टीम है। हमने लोगों का रेस्क्यू कर सामुदायिक भवन में रोका है। खोटी गाँव में भी लोगों को शिफ्ट किया है। 6 गाँव संपर्क से टूटे हैं लेकिन स्थिति सामान्य है।
रायसेन - बारना से डिस्चार्ज बहुत कम हो गया है। बरगी के डिस्चार्ज से यदि बैकवॉटर भरता है तो हमारी पूरी तैयारी है। हमने निचले इलाकों से तीन गर्भवती महिलाओं को अस्पताल शिफ्ट किया है। हमारे पास सारे आवश्यक उपकरण हैं।
भोपाल - कलियासोत और भदभदा के हमने गेट कम कर लिए हैं। कलियासोत में 6 गेट और भदभदा में 4 गेट खुले हैं। पानी का बहाव अब कम होगा।
राजगढ़ - ब्यावरा में हमने 35 परिवारों को निकाला था और आज 60 परिवारों को निकाला है। नरसिंहगढ़ में भारी बारिश हुई। हम मोहनपुरा में पानी के बहाव को रेग्युलेट कर रहे हैं।
नरसिंहपुर - स्थितियाँ सामान्य हैं, बाढ़ की स्थिति कहीं नहीं है। हम नजर रखे हुए हैं। नर्मदा नदी का पानी खतरे के लेवल से 4 मीटर नीचे है।
जबलपुर- नर्मदा नदी में फ्लड के कारण कोई अप्रिय स्थिति नहीं है।