अशोक पोरवाल को रतलाम विकास प्राधिकरण अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है।
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मध्य प्रदेश में चुनावी साल होने से नगर निगम और मंडलों में रिक्त पड़े पदों पर नियुक्तियों का दौर शुरू हो चुका है। इसी क्रम में रतलाम विकास प्राधिकरण में बीते करीब एक दशक से खाली पड़े अध्यक्ष पद पर अशोक पोरवाल को नियुक्त किया गया है। पोरवाल की नियुक्ति के साथ रतलाम में राजनीतिक सरगर्मी फिर से तेज हो गई है। अशोक पोरवाल वही नाम है, जिसे नगर निगम के चुनाव के दौरान महापौर का टिकट मिला था और अगले ही दिन पार्टी ने टिकट काट दिया था।
मध्यप्रदेश में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी रूठे हुए कार्यकर्ताओं को मनाने में लगी है, जिससे कि चुनाव के दौरान पार्टी को किसी तरह से नुकसान न हो। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए लंबे समय से चल रही रतलाम विकास प्राधिकरण अध्यक्ष के नामों की अटकलों पर पार्टी ने विराम लगाते हुए अशोक पोरवाल के नाम पर सहमति जता दी है।
अशोक पोरवाल शहर विधायक चेतन्य काश्यप के विरोधी गुट के माने जाते हैं। माना जा रहा है कि रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर विधायक द्वारा दिए गए नाम को काटकर पार्टी द्वारा अशोक पोरवालों को प्राधिकरण की कुर्सी दिए जाने से कई लोग सकते में हैं। वहीं दूसरी ओर पोरवाल समर्थक और विधायक के विरोधी उक्त नियुक्ति से काफी खुश हैं।