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MP News: एमपी के सारे सूरमा ढेर, अब बिहार के गिरिराज को कमलनाथ का किला फतह करने की जिम्मेदारी

Fri, 19 Aug 2022 03:19 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

केंद्रीय मंत्री और बिहार के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह तीन दिवसीय दौरे पर छिंदवाड़ा पहुंच गए हैं। अब तक एमपी का कोई दिग्गज नेता कमलनाथ का किला फतह नहीं कर पाया है। अब बिहार के नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को कमलनाथ का किला ध्वस्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 
 
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कमलनाथ और गिरिराज सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री और बिहार के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह तीन दिवसीय दौरे पर छिंदवाड़ा पहुंच गए हैं। गिरिराज सिंह को कमलनाथ का किला ध्वस्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 
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बीजेपी ने 2024 लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सबसे पहले ऐसी सीटों पर फोकस किया है, जहां बीजेपी को अब तक जीत नहीं मिली है। 2019 लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीट में से 28 बीजेपी के खाते में गई थी। छिंदवाड़ा सीट पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। अब इस सीट पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को जीत का टास्क दिया गया है। उन्होंने गुरुवार को छिंदवाड़ा पहुंच कर जामसांवली के हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना के साथ काम भी शुरू कर दिया है। 

छिंदवाड़ा सीट पर 1980 में पहली बार कमलनाथ सांसद बने। कमलनाथ 9 बार, उनकी पत्नी और बेटे एक-एक बार सांसद चुने गए। हालांकि कमलनाथ को एक बार उप चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री सुंदर लाल पटवा के सामने 1997 में हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि अगले साल फिर चुनाव हुए और कमलनाथ ने पटवा को हरा दिया। बीजेपी ने अब तक छिंदवाड़ा में उमा भारती, कैलाश विजयवर्गीय, प्रकाश जावड़ेकर, कैलाश सोनी, स्वतंत्र देव सिंह को प्रभारी नियुक्त किया, लेकिन उमा भारती को छोड़कर बाकी लोग वहां कुछ खास नहीं कर पाए। अब गिरिराज सिंह को कमलनाथ का गढ़ जीतने भेजा है। 
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बीजेपी को जीत की इसलिए उम्मीद बढ़ी 
  • बीजेपी ने लोकसभा में नकुलनाथ और विधानसभा चुनाव में कमलनाथ को कड़ी टक्कर दी थी। यहां पर जीत का मार्जिन कम हो गया था। लोकसभा चुनाव में नकुलनाथ को 5 लाख 87 हजार 305 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी उम्मीदवार 5 लाख 49 हजार 769 वोट मिले थे। जबकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। 
  • नकुलनाथ का काम सांसद के रूप में उतना प्रभावी दिख नहीं रहा है। इसको लेकर बीजेपी अभी से माहौल बनाने की प्लानिंग कर रही है। 
  • छिंदवाड़ा कांग्रेस में लीडर का अभाव और जिला संगठन में अंतरविरोध बढ़ रहा है। यही कारण है कि हाल में कांग्रेस की तरफ से घोषित प्रभारियों की सूची में अकेले छिंदवाड़ा में तीन-तीन प्रभारी बनाएं गए। 
  • 9 बार के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की उम्र बढ़ती जा रही है। बीजेपी इसको अपने फायदे के रूप में देख रही है। 
  • प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और निकाय चुनाव के जरिए बीजेपी कांग्रेस के मजबूत गढ़ में घुसने में सफल हुई है। अब उसकी नजर छिंदवाड़ा की विधानसभा और लोकसभा सीटों पर है। 

वहीं, गिरिराज सिंह ने छिंदवाड़ा दौरे की शुरुआत हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना से की। ऐसे में साफ है कि बीजेपी हिंदुत्व समेत राष्ट्रीय मुद्दे पर कमलनाथ को अगले साल चुनाव में घेरेगी। हालांकि कमलनाथ भी सॉफ्ट मुद्दे पर चलकर इसका काट रखे हुए हैं। उन्होंने छिंदवाड़ा में सबसे बड़ा हनुमान मंदिर बनाया। कुछ दिन पहले हनुमान जयंती पर कांग्रेस की तरफ से कार्यकर्ताओं को राम भजन और हनुमान चालीसा का पाठ करने के निर्देश दिए गए।

बीजेपी प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी का कहना है कि जिस प्रकार राजनीतिक भ्रम में कमलनाथ जी छिंदवाड़ा को लेकर है। इस बार के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता जनता के आशीर्वाद से कमलनाथ के कथित गढ़ को जीत लेंगे।

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि भाजपा कमलनाथ के गढ़ में जीतने का सपना ही देखती रहेगी, जो कभी पूरा नहीं होगा। कई प्रभारी को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन कुछ नहीं कर पाए। कमलनाथ अजेय योद्धा है। उनके गढ़ में सेध लगाने वाला अपने घर में ही निपट जाता है। 
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