मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने 15 महापौर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है, लेकिन रतलाम सीट गुटबाजी में उलझ गई है। दो दिन बाद भी कोई फैसला नहीं हो पाया है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस में राजीव रावत, मयंक जाट और प्रभू राठौर की गुटबाजी में मामला फंस गया है। राजीव रावत और प्रभू राठौर पार्टी के वरिष्ठ नेता है। रावत दो से तीन बार पार्षद रह चुके है। उनकी संगठन में भी अच्छी पकड़ गए। यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष मयंक जाट युवा नेता है। उनका विक्रांत भूरिया समर्थन कर रहे है। वहीं, राठौर वरिष्ठ नेता है और जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मयंक जाट के नाम पर वरिष्ठ नेता सहमत नहीं हो पा रहे है। कमलनाथ रावत और राठौर दोनों के नाम पर सहमत हैं। उन्होंने पार्टी के नेताओं से दावेदारों और आपसी सहमति बनाकर एक नाम तय करने को कहा है। इसमें अभी राजीव रावत का नाम आगे चल रहा है। हालांकि अभी एक राय बनाने को लेकर बैठकों का दौर चल रहा है।
पार्टी में कुछ नेता एक नाम पर सहमति बनने की बात कहकर कह रहे है। उनका कहना है कि जल्द ही नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। जबकि कुछ का कहना है कि अभी एक नाम पर सहमति को लेकर चर्चा चल रही है। 15 या 16 जून तक नाम तय किया जाएगा।
बता दें अभी बीजेपी में भी महापौर प्रत्याशियों के नामों को लेकर चर्चा का दौर जारी है। बीजेपी ने पांच शहरों में महापौर प्रत्याशियों के नाम तय कर लिए है। इसमें उज्जैन से मुकेश टटवाल, सतना से योगेश ताम्रकार, छिंदवाड़ा से जितेंद्र शाह, बुरहानपुर से माधुरी पटेल और रतलाम से अशोक पोरवाल के नाम बताएं जा रहे है। हालांकि अभी बीजेपी की तरफ से अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बीजेपी में भोपाल, इंदौर और ग्वालियर के नामों पर घमासान मंचा हुआ है।