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MP Local Body Election: इंदौर महापौर के लिए डॉक्टर निशांत खरे के नाम का विरोध, चर्चा में आया सचिन शर्मा का नाम

Tue, 14 Jun 2022 12:01 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

भाजपा महापौर प्रत्याशी के नाम में उलझ गई है। लाख प्रयासों के बावजूद भाजपा में आम सहमति नहीं बन पा रही है। डॉक्टर निशांत खरे के नाम पर सहमति नहीं बन पाने के कारण पेंच फंस गया है।
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इंदौर महापौर के लिए निशांत खरे के नाम का विरोध, चर्चा में आया सचिन शर्मा का नाम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा महापौर प्रत्याशी के नाम में उलझ गई है। लाख प्रयासों के बावजूद भाजपा में आम सहमति नहीं बन पा रही है। डॉक्टर निशांत खरे के नाम पर सहमति नहीं बन पाने के कारण पेंच फंस गया है। इसी बीच खबर आई है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रांत अध्यक्ष डॉ.सचिन शर्मा का नाम भी महापौर उम्मीदवार की दौड़ में शामिल हो गया है।
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दरअसल इंदौर के महापौर प्रत्याशी चयन में भाजपा में खींचतान बढ़ती जा रही है। सीएम शिवराज सिंह और संघ की पसंद डॉक्टर निशांत खरे का नाम सोमवार को लगभग तय माना जा रहा था, मगर देर रात तक प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में फिर पेंच फंस गया और प्रत्याशी की सूची टल गई। खरे के नाम पर विरोध के स्वर उठे और मामला होल्ड हो गया। इसी बीच सोमवार देर रात डॉक्टर सचिन शर्मा का नाम चर्चा में आया। कहा गया कि शर्मा को सीएम हाउस से बुलावा आया है।
 
सचिन शर्मा तीन बार अभाविप के प्रांत अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में विभाग प्रमुख का दायित्व संभाल रहे हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी वह रह चुके हैं। संघ के कुछ पदाधिकारी उनको पसन्द करते हैं। इनमें प्रांत प्रचारक बलिराम और पराग अभ्यंकर संघ के सेवा प्रमुख हैं। ब्राह्मण होने के चलते भी शर्मा का नाम तेजी से दौड़ में आया है। फ़िलहाल मंथन चल रहा है।
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बैठक में नहीं बनी खरे पर सहमति
पार्टी सूत्रों की मानें तो सोमवार रात को हुई पार्टी की बैठक में एक बड़े नेता ने डॉ. निशांत खरे के नाम पर आपत्ति उठाई और कहा उनकी जगह किसी पार्टी कार्यकर्ता को टिकट दिया जाना उचित होगा। उनका विरोध काफी सशक्त था। यही कारण है कि इस बैठक में अंतिम रूप से यह तय हुआ कि अब डॉ निशांत खरे की जगह किसी और के नाम पर विचार किया जाएगा। विरोध की वजह यह भी रही कि डॉ निशांत खरे के नाम पर कहीं भी सहमति नहीं थी। उन्हें मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत पसंद माना जा रहा था। वे न तो पार्टी कार्यकर्ता के रूप में इंदौर में जाने जाते हैं और उनकी कोई पहचान नहीं है। ऐसी स्थिति में वे कांग्रेस उम्मीदवार संजय शुक्ला का मुकाबला कर पाएंगे इस बात में संदेह है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए मैसेज
जैसे ही खरे का नाम चर्चा में आया इंदौर में मैसेज वायरल हुए कि आईडीए का अध्यक्ष के रूप में इंदौर से बाहर के आदमी को थोपा गया है, अब वही काम पार्टी महापौर पद के उम्मीदवार के लिए भी कर रही है। क्योंकि डॉ.  निशांत खरे सागर के रहने वाले हैं और उन्हें जबरन इंदौर का महापौर पद के उम्मीदवार के रूप में थोपा जा रहा है। इस बात में भी संदेह है कि इंदौर की जनता उन्हें स्वीकार करेगी। इंदौर के एक बड़े नेता की डॉ. खरे के नाम पर टिप्पणी थी कि पार्टी का यह फैसला कांग्रेस को तश्तरी में रखकर जीत सौंपने जैसा है। सोशल मीडिया पर भी डॉ. निशांत खरे के नाम को लेकर काफी टिप्पणियां नजर आईं। एक कमेंट था कि जब इंदौर को प्लास्टिक से मुक्त करने की कोशिश की जा रही है, भाजपा एक प्लास्टिक सर्जन को इंदौर का महापौर बनाने पर तुली है।

खरे-भार्गव के बीच शर्मा का नाम उभरा
बताया जा रहा है कि अभाविप के सचिन शर्मा का नाम जब संघ की ओर से आगे आया तो उनके नाम पर विचार शुरू हुआ। इसी तरह पुष्यमित्र भार्गव का नाम भी दौड़ में बना है। ब्राह्मण वोटरों के लिहाज से मनोज द्विवेदी का भी नाम है। विधायक रमेश मेंदोला को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। सूत्रों का कहना है मुख्यमंत्री की पसंद डॉ. निशांत खरे हैं और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की पसंद पुष्यमित्र भार्गव हैं। यह दोनों ही नाम कांग्रेस उम्मीदवार के सामने कमजोर माने जा रहे हैं। ऐसे में अभाविप और संघ कोटे से सचिन शर्मा का नाम सामने आया है। आज दोपहर में भाजपा की बैठक है, जिसमें इस नाम पर चर्चा हो सकती है।
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