मध्य प्रदेश नगरीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार 16 में से 13 महापौर प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। बीजेपी ने रीवा और छिंदवाड़ा में लोकल नेताओं के दबाव में प्रत्याशी बदल दिए। इंदौर, ग्वालियर और रतलाम में नाम का ऐलान नहीं हो सका। आठ पॉइंट्स में जानिए क्यों हुआ ऐसा-
- इंदौर में बीजेपी ने डॉ. निशांत खरे का नाम तय कर लिया था। खरे गैर-राजनीतिक हैं। उनका नाम संघ से जुड़ने के कारण चर्चा में आया था। उनके नाम का स्थानीय नेताओं ने विरोध किया। इस वजह से खरे का नाम होल्ड कर अब नए चेहरे की तलाश की जा रही है। इंदौर का नाम तय करने के लिए स्थानीय नेताओं को भोपाल बुलाया गया है।
- ग्वालियर में माया सिंह के नाम पर लोकल नेताओं ने असहमति जता दी है। एक ही परिवार के लोगों को मिल रहे टिकट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बीजेपी ने परिवार, विधायक और सांसद को टिकट न देने की गाइडलाइन बनाई है। 72 वर्षीय माया सिंह उम्र के क्राइटेरिया में भी फिट नहीं बैठती है। ग्वालियर सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित है, तो ओबीसी को टिकट देने का भी विरोध है। अब सुमन शर्मा के नाम पर चर्चा चल रही है।
- रतलाम में बीजेपी ने कोर ग्रुप और चुनाव समिति की बैठक में अशोक पोरवाल का नाम तय कर लिया था। कांग्रेस के नाम का ऐलान नहीं किया है। इस वजह से बीजेपी ने अपने प्रत्याशी के नाम को होल्ड कर दिया है। कांग्रेस 15 जून उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है। इसके बाद बीजेपी भी सभी समीकरण देखने के बाद नाम का ऐलान करेगी।
- छिंदवाड़ा में जितेंद्र शाह का नाम लगभग तय था। स्थानीय स्तर पर विरोध के कारण अनंत धुर्वे को टिकट दिया गया। पार्टी ने आदिवासी बाहुल क्षेत्र में पैठ को देखकर नाम तय किया है। शाह की सक्रियता क्षेत्र में न होकर राजधानी तक सीमित थी। यहीं कारण है कि उनका नाम काटकर अनंत धुर्वे को प्रत्याशी बनाया गया।
- रीवा में वेंकटेश पांडे का नाम भी तय होने के बाद कट गया। पांडे का नाम पहले तय होने पर उनका स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया था। पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने रीवा से वेंकटेश और प्रबोध शुक्ला का नाम दिया था। अन्य नेताओं से सहमति नहीं बन पाने के कारण प्रबोध शुक्ला को प्रत्याशी बनाया गया है।
- भोपाल में विश्वास सारंग के सुझाव पर मालती राय को महापौर प्रत्याशी बनाया है। मालती राय को मजबूत नहीं माना जा रहा था। सारंग ने ही मालती राय के लिए शिवराज सिंह चौहान से बात की। इसके बाद कृष्णा गौर, रामेश्वर शर्मा और विश्वास सारंग तीनों विधायकों ने राय को जिताने का भरोसा दिलाया। तब जाकर मालती का नाम अंतिम हुआ।
- जबलपुर में डॉ. जितेंद्र जामदार का नाम पहले से तय था। दरअसल डॉ. जितेंद्र जामदार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का खास बताया जाता है। वह संघ से भी जुड़े है। जबलपुर के वरिष्ठ नेता होने के चलते उनके राय पर सभी की सहमति भी थी।
- खंडवा में अमृता यादव का नाम तय किया गया है। अमृता यादव बीजेपी से पूर्व विधायक स्वर्गीय हुकुमचंद यादव की बहू है। इनके पति अमर यादव नगर पालिका निगम अध्यक्ष रहे हैं। यादव परिवार को संघ से जुड़ा हुआ माना जाता है।
जाने कहां किसके बीच होगा मुकाबला
| नगर निगम |
भाजपा उम्मीदवार |
कांग्रेस उम्मीदवार |
| भोपाल- OBC (महिला) |
मालती राय |
विभा पटेल |
| इंदौर- अनारक्षित |
होल्ड |
संजय शुक्ला |
| ग्वालियर- सामान्य (महिला) |
होल्ड |
शोभा सिकरवार |
| जबलपुर- अनारक्षित |
डॉ. जितेंद्र जामदार |
जगत बहादुर सिंह अन्नु |
| उज्जैन- अजा |
मुकेश टटवाल |
महेश परमार |
| सागर- सामान्य (महिला) |
संगीता तिवारी |
निधि जैन |
| मुरैना- अजा (महिला) |
मीना जाटव |
शारदा सोलंकी |
| छिंदवाड़ा- अजजा |
अनंत धुर्वे |
विक्रम अहाके |
| सतना- ओबीसी |
योगेश ताम्रकार |
सिद्धार्थ कुशवाह |
| रतलाम- ओबीसी |
होल्ड |
होल्ड |
| खंडवा- ओबीसी (महिला) |
अमृता यादव |
आशा मिश्रा |
| बुरहानपुर- सामान्य (महिला) |
माधुरी पटेल |
शहनाज अंसारी |
| देवास- सामान्य (महिला) |
गीता अग्रवाल |
विनोदनी रमेश व्यास |
| कटनी- सामान्य (महिला) |
ज्योति दीक्षित |
श्रेहा खंडेलवाल |
| रीवा- अनारक्षित |
प्रबोध व्यास |
अजय मिश्रा बाबा |
| सिंगरौली- अनारक्षित |
चंद्र प्रताप विश्वकर्मा |
अरविंद सिंह चंदेल |