एमपी के खंडवा में छाए सांप्रदायिकता के बादल अभी छंटे नहीं हैं, कर्फ्यू जारी है और पुलिस मुस्तैद। आम जनता अपने ही घर में कैद है और पूरा शहर ज़रूरी सामान के लिए तरस रहा है।
खंडवा में एक फेसबुक पोस्ट के कारण हुई हिंसा में एक शख्स की मौत हो गई जबकि कुछ अन्य घायल हो गए। प्रशासन ने मौके की नजाकत को समझते हुए तत्काल कर्फ्यू लगा दिया।
एसपी खंडवा मनोज शर्मा ने बताया कि पुलिस मुस्तैद है और किसी भी अप्रिय घटना को होने नहीं दिया जाएगा।
क्या है मामला?
खंडवा मुन्सीपल कॉरपोरेशन के चेयरमैन अमर यादव के फर्जी फेसबुक अकाऊंट से कुछ ऐसा पोस्ट किया गया जिसे पढ़ कर लोग सड़क पर उतर आए और एक शख्स को अपनी जान भी गंवानी पड़ी।
मामला बुधवार का है जब खंडवा की फिज़ाओं में तैरती अफवाहें खूनी हो गईं और फिर वो खून सड़कों पर फैलने लगा। अंग्रेजी अखबार TOI के मुताबिक जब भीड़ सड़कों पर आई तो ईमलीपुरा और कहरवाड़ी के दुकानदारों ने अपने शटर गिरा दिए।
हातमपुरा और खांशवाली इलाके में हुई हिंसा में दो लोग घायल भी हो गए। एसपी खंडवा मनोज शर्मा ने एक मौत की पुष्टि की है। मृतक का नाम सुशीलकुमार पुंडगे था।
कैसे हैं हालात
खंडवा में कर्फ्यू जारी है और लोग दूध, सब्जी और दवाई आदि जैसी बेहद जरूरी चीजों के लिए तरस गए हैं। नजाकत को देखते हुए आस पास के इलाकों में भी धारा 144 लगा दी गई है।
पुलिस फेसबुक पर पोस्ट डालने वाले की भी तलाश जारी है जिसने फर्जी अकाऊंट से सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया। देखने वाली बात ये होगी कि पुलिस और प्रशासन कब तक इन हालातों पर काबू कर पाएगा।