मैथिली शरण गुप्त, रिटायर्ड IPS अधिकारी, मध्य प्रदेश
- फोटो : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश में स्पेशल डीजी पद से रिटायर हुए IPS अधिकारी ने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ पोस्ट की है। यह पोस्ट उन्होंने मध्य प्रदेश IPS एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप 'IPS MP' में डाली थी। मध्य प्रदेश के डीजीपी ने आपत्ति ली तो उन्हें पोस्ट हटाने को कहा गया। जब रिटायर्ड अधिकारी ने पोस्ट डिलीट नहीं की तो डीजीपी के कहने पर उन्हें ग्रुप से बाहर कर दिया गया। रिटायर्ड अफसर का कहना है कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। इस वजह से पोस्ट हटाने का सवाल ही नहीं उठता।
मध्य प्रदेश कैडर के 1984 बैच के IPS अधिकारी मैथिलीशरण गुप्त ने शुक्रवार सुबह IPS MP व्हाट्सएप ग्रुप में एक पोस्ट शेयर की। इसमें मुस्लिमों को देश की बर्बादी का कारण बताया गया है। साथ ही अंग्रेजों को इस बात का जिम्मेदार ठहराया गया है कि मुस्लिम समुदाय आज भी हमारे देश में है। इस पर डीजीपी विवेक जौहरी ने आपत्ति दर्ज कराई। साथ ही गुप्त से पोस्ट हटाने को भी कहा। जब काफी देर तक पोस्ट नहीं हटाई गई तो स्पेशल डीजी पद से रिटायर हुए गुप्त को ही ग्रुप से बाहर कर दिया गया।
गुप्त का कहना है- मैंने कुछ गलत नहीं किया
रिटायर्ड IPS अफसर का कहना है कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया। मैं अब भी अपनी बात पर कायम हूं। मैंने ऐसा कुछ भी गलत कमेंट नहीं किया, जिसे आपत्तिजनक कहा जा सकता है। उन्होंने वीडियो भी शेयर किया है। ग्रुप से निकाले जाने पर गुप्त ने कहा कि उनके लिए यह सब मायने नहीं रखता।
नींबू से कोरोना का इलाज करने की दी थी सलाह
गुप्त सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। पिछले साल कोरोना की पहली लहर के दौरान उन्होंने नींबू के रस की दो बूंदें नाक में डालने से कोरोना खत्म होने का दावा करती पोस्ट भी ग्रुप में शेयर की थी। इसके अलावा पुलिस सुधार और क्राइम-फ्री इंडिया को लेकर भी उनकी पोस्ट लगातार ग्रुप में आती रहती थी।