मानव अधिकार से जुड़े दो मामलों का राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है।
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मानव अधिकार से जुड़े दो मामलों का राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। खंडवा एसपी और शाजापुर कलेक्टर से जवाब तलब किया गया है।
बता दें कि मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने मानव अधिकार हनन से जुड़े दो मामलों में संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है। पहला मामला खंडवा का है, जिले में वाहन चोरी के अपराध में पकड़े गए भगवान सिंह (65) निवासी बड़वाह की पुलिस अभिरक्षा में बीते बुधवार को मौत हो गई थी। शहर कोतवाली से पुलिस आरोपी को बेहोशी की हालत में लेकर जिला अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आयोग ने कहा है कि एसपी इस घटना से जुड़े सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ (पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित) दो माह में विस्तृत प्रतिवेदन भिजवाएं।
उल्लेखनीय है कि मृतक के परिजनों का आरोप हैं उसे हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी थी, पुलिस ने अभिरक्षा में उसे दवा तक नहीं खाने दी, जिससे उसकी मौत हो गई। एसपी खंडवा ने लापरवाह कोतवाली थाना प्रभारी को हटा दिया है। मामले की न्यायिक जांच भी शुरू हो गई है। एसपी का कहना है बाइक चोरी में आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। बुधवार को तबीयत खराब हुई, तो टीआई अस्पताल लेकर गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
दूसरा मामला शाजापुर का है। यहां मिट्टी धंसने से दो मजदूर दब गए थे, जिसमें एक की मौत हो गई थी। दरअसल शाजापुर जिले में नल-जल परियोजना के तहत चल रहे काम में लाइन डालने गड्ढे में उतरे दो मजदूर मिट्टी धंसने से दब गए थे। एक की मौत हो गई, दूसरा घायल है। मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर शाजापुर एवं जिले के पीएचई/नल-जल परियोजना अधिकारी से एक माह में जवाब मांगा है। आयोग ने यह भी पूछा है कि मामले में एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं ? मृतक के परिवार को कोई मुआवजा राशि दी गई है या नहीं ?