मध्यप्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में गिरोह से जुड़े एक आरोपी को स्थानीय अदालत ने गुरुवार को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। उस पर इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के एक अधिकारी को आपत्तिजनक वीडियो क्लिप दिखाकर तीन करोड़ रुपये मांगने का आरोप है। आरोपी के हिरासत में मिलने पर मामले को लेकर पुलिस उससे पूछताछ करेगी।
जिला अभियोजन अधिकारी मोहम्मद अकरम शेख ने बताया कि हनी ट्रैप मामले में ओरोपी अभिषेक ठाकुर उर्फ चिंटू (31) गिरफ्तारी के बाद से भोपाल की जेल में न्यायिक हिरासत में बंद था। उसे प्रोडक्शन वॉरंट पर इंदौर की अदालत में पेश किया गया।
उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष ने ठाकुर को पुलिस की हिरासत में भेजने का अनुरोध करते हुए अदालत से कहा कि इंदौर में दर्ज आपराधिक मामले में आरोपी से पूछताछ की जानी है और उसकी निशानदेही पर संबंधित जगहों की तसदीक भी कराई जानी है। इसे स्वीकार करते हुए अदालत ने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।
शेख ने बताया कि ठाकुर से भारतीय दंड विधान की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), धारा 384 (जबरन वसूली), धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 506 (आपराधिक धमकी) और अन्य प्रावधानों के तहत शहर के पलासिया थाने में दर्ज मामले में पूछताछ की जाएगी।
बता दें कि आईएमसी के अधीक्षण इंजीनियर हरभजन सिंह (60) ने 17 सितंबर 2019 को पलासिया पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सिंह ने शिकायत में कहा था कि हनी ट्रैप गिरोह ने उनके कुछ आपत्तिजनक वीडियो क्लिप वायरल करने की धमकी देकर उनसे तीन करोड़ रुपये मांगे थे। ये क्लिप खुफिया तरीके से तैयार किये गये थे।
सिंह की शिकायत पर जांच के बाद पुलिस ने हनी ट्रैप गिरोह का खुलासा कर पांच महिलाओं और उनके ड्राइवर को भोपाल और इंदौर से गिरफ्तार किया था।