मध्य प्रदेश सरकार ने होमगार्ड और स्वास्थ्य विभाग में कुल 9,898 पदों पर बंपर भर्ती करने का फैसला किया है। प्रदेश में लंबे समय से इंतजार कर रहे युवाओं के लिए यह खुशखबरी है। पुलिस विभाग में ड्राइवरों की भर्ती के बाद अब होमगार्ड और स्वास्थ्य सेवाओं के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
राज्य सरकार होमगार्ड के 5,020 पदों पर भर्ती निकालने जा रही है, जो इस बार कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से जिला स्तर पर आयोजित कराई जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 4,878 आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की भी नियुक्ति की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया का पूरा कार्यक्रम नवंबर महीने में जारी कर दिया जाएगा।
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होमगार्ड में महिलाओं को मिलेगा 33 फीसदी आरक्षण
उज्जैन में सिंहस्थ मेले को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी है। वर्तमान समय में प्रदेश में होमगार्ड की कुल 97 कंपनियां मौजूद हैं, जिनके लिए 15,800 पद स्वीकृत किए गए हैं। हालांकि, इन स्वीकृत पदों के मुकाबले प्रदेश में अभी सिर्फ 9,110 होमगार्ड जवान ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि लगभग 6,690 पद खाली पड़े हुए हैं। इन खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में कदम उठाते हुए होमगार्ड मुख्यालय ने 5,020 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव राज्य शासन को भेज दिया है। कर्मचारी चयन मंडल ने इस भर्ती परीक्षा करने के लिए तैयारियां आरंभ कर दी हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में महिला सशक्तीकरण को बल देने के लिए महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रदेश भर में होमगार्ड में मात्र 350 महिला जवान ही कार्यरत हैं।
महाकाल मंदिर सुरक्षा के लिए 488 पद विशेष रूप से सुरक्षित
भर्ती किए जाने वाले 5,020 होमगार्ड पदों में से 4,532 पद सामान्य ड्यूटी के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि 488 पद उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए अलग से आरक्षित किए गए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गई घोषणा के अनुरूप मंदिर सुरक्षा के लिए होमगार्ड की चार विशेष कंपनियों के गठन के प्रस्ताव को राज्य सरकार पहले ही अपनी हरी झंडी दे चुकी है।
महाकाल मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाले यह 488 जवान कॉल ऑन और कॉल ऑफ की व्यवस्था से पूरी तरह मुक्त रहेंगे। इसका अर्थ यह है कि अपने पूरे सेवाकाल के दौरान इन जवानों का तबादला किसी दूसरे स्थान पर नहीं किया जाएगा और यह दस्ता केवल मंदिर में ही अपनी सेवाएं देगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही मंदिर से निजी सुरक्षा एजेंसियों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 4,878 आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की भर्ती
प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मजबूत और बेहतर बनाने के लिए 4,878 पदों पर आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की भर्ती की जाएगी। इस भर्ती के तहत 4,264 पद आशा कार्यकर्ताओं के लिए तथा 614 पद सुपरवाइजर के लिए तय किए गए हैं। यह पूरी चयन प्रक्रिया प्रदेश में स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की जाएगी। इनमें से 3,064 आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लिए की जाएगी, ताकि इन अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो सके। इसके अलावा आदिवासी बहुल जिलों की जरूरतों को देखते हुए 1,251 पद विशेष रूप से आरक्षित रखे गए हैं।