मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि नागपुर से बरामद नाबालिग को उसकी मां के हवाले कर दिया जाए। हाईकोर्ट जस्टिस सुजय पॉल तथा जस्टिस नंदिता दुबे की युगलपीठ ने इस आदेश के साथ दायर बंधी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निराकरण कर दिया।
याचिकाकर्ता मां की तरफ से दायर बंधी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया था कि उसकी नाबालिग बेटी को क्षेत्र में रहने वाला राजू मरावी नामक युवक जबरन बंधक बनाकर ले गया है। इस कार्य में उसे परिजनों द्वारा सहयोग किया गया है। इस संबंध में उसने तिलवारा घाट थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। नाबालिग बेटी की तलाश में पुलिस द्वारा कारगर कार्रवाई नहीं किए जाने के खिलाफ उक्त बंधी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई थी।
याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने लापता नाबालिग लडकी को पेश करने के निर्देश दिए थे। याचिका की सुनवाई के दौरान पुलिस ने नाबालिग लड़की को पेश किया। पुलिस ने युगलपीठ को बताया कि नाबालिग लड़की को नागपुर में अनावेदक राजू मरावी के पास बरामद किया गया है। युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए युगलपीठ ने पुलिस को निर्देश किया है कि नाबालिग को उसकी मां के सुपुर्द किया जाए।