राज्य सरकार का मानना है कि लियुगोंग इंडिया के इस नए निवेश से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी और मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश को और गति मिलेगी। सरकार इसे राज्य में निवेशकों के बढ़ते विश्वास और औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का भूमि-पूजन करेंगे। करीब 272 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह संयंत्र मध्य प्रदेश में निर्माण उपकरण (कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट) निर्माण को नई मजबूती देगा।
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कंपनी का नया प्लांट करीब 20 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में यहां हर साल 6,500 निर्माण उपकरण बनाने की क्षमता विकसित की जाएगी। संयंत्र में मुख्य रूप से एक्सकेवेटर का निर्माण होगा। इससे देश में निर्माण उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, आयात पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
2008 से पीथमपुर में काम कर रही है कंपनी
लियुगोंग इंडिया वर्ष 2008 से पीथमपुर में अपनी विनिर्माण इकाई संचालित कर रही है। 44 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले मौजूदा प्लांट में हर साल करीब 3 हजार व्हील लोडर और मोटर ग्रेडर बनाने की क्षमता है। इसी इकाई से वर्ष 2009 में पहला 'मेड इन इंडिया' व्हील लोडर तैयार किया गया था।
500 से ज्यादा युवाओं को मिल रहा रोजगार
पीथमपुर स्थित कंपनी के प्लांट में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्र और प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित हैं। यहां 500 से अधिक भारतीय युवा पेशेवर कार्यरत हैं। कंपनी के निर्माण उपकरण सड़क निर्माण, खनन, जलविद्युत और पाइपलाइन जैसी आधारभूत परियोजनाओं में देशभर में उपयोग किए जा रहे हैं।
औद्योगिक निवेश को मिलेगी नई गति
राज्य सरकार का मानना है कि लियुगोंग इंडिया के इस नए निवेश से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी और मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश को और गति मिलेगी। सरकार इसे राज्य में निवेशकों के बढ़ते विश्वास और औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।