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MP EOW ने की FIR: 7 सिंचाई परियोजनाओं में 800 करोड़ रुपये का घोटाला, नियम विरुद्ध कंपनियों को किया अग्रिम भुगतान

Fri, 01 Apr 2022 11:34 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गुरुवार को 7 सिंचाई परियोजनाओं में कंपनियों को काम शुरू करने से पहले ही 800 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने पर एफआईआर दर्ज की गई है।
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घोटाला(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गुरुवार को 7 सिंचाई परियोजनाओं में कंपनियों को काम शुरू करने से पहले ही 800 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें तत्कालीन प्रमुख अभियंता समेत चार इंजीनियरों को आरोपी बनाया गया है।
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जल संसाधन विभाग ने जानकारी के अनुसार अगस्त 2018 से फरवरी 2019 के बीच बांध और हाई प्रेशर पाइप नहर प्रणाली के निर्माण के लिए टेंडर निकाले। विभाग ने सात सिंचाई प्रोजेक्ट के टर्नकी आधार पर 3,333 करोड़ रुपये के सात टेंडरों को मंजूरी दी थी। टर्नकी के आधार पर मंजूर टेंडरों का कार्य मुख्य रूप से बांध निर्माण और जलाशय से पानी की आपूर्ति के लिए निर्धारित प्रेशर पंप हाउस, प्रेशराइज्ड पाइप लाइन के साथ-साथ डिजाइन क्षेत्र के नियंत्रण उपकरण स्थापित करके संचाई के लिए पानी की आपूर्ति करना है। रीवा के मुख्य अभियंता गंगा कहार ने सरकार को जानकारी दी कि गोंड मेगा वृहद प्रोजक्ट के लिए शासन से 27 मई 2019 के आदेश में पेमेंट शेड्यूल की कंडिका 3 को शिथिल कर भुगतान कर दिया गया था। इसके बाद शासन ने इसकी पड़ताल की तो पाया कि शासन ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया। इस मामले में शासन ने प्रमुख अभियंता व मुख्य अभियंता प्रोक्यूरमेंट, जल संसाधन विभाग से फाइलें तलब की, जिसमें यह जानकारी सामने आई कि शासन की अनुमति के बिना ही इस शर्त को खत्म कर प्रमुख अभियंता ने अपने स्तर पर सभी अंभियंताओं को पत्र जारी कर दिया, जबकि शासन और एजेंसी के बीच अनुबंध के बाद किसी भी शर्त को हटाया और जोड़ा नहीं जा सकता। इस मामले में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने अधिकारियों को पूरी पड़ताल करने के निर्देश दिए।

इस मामले में यह भी सामने आया कि परियोजनाओं के मुख्य अभियंताओं और अन्य क्षेत्र के अधिकारियों ने भी निर्धारित मानदंडों के उल्लंघन में परियोजनाओं के शुरू होने से बहुत पहले नहरों और दबाव वाले पाइपों के काम की सामग्री के भुगतान की प्रक्रिया की। इसके लिए 800 करोड़ रुपये से अधिक का अग्रिम भुगतान कर दिया। खास बात यह है कि अभी सभी योजनाएं अधूरी हैं।
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ये हैं योजनाएं
हनोता बांध एवं पाइप नगर प्रणाली निर्माण, बण्डा बांध एवं पाइप नगर प्रणाली निर्माण, गोंड बांध एवं पाइप नहर प्रणाली निर्माण, निरगुढ़ बांध एवं पाइप नहर प्रणाली निर्माण, घोघरी बांध एवं पाइप नगर प्रणाली निर्माण, वर्धा बांध एवं पाइप नहर प्रणाली निर्माण, सीता नगर बांध एवं पाइप नहर प्रणाली निर्माण।
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