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MP Election 2023: MP में जेठ-बहू, चाचा-भतीजा, समधी-समधन के बीच सियासी जंग, इन सीटों पर रिश्तेदार आमने-सामने

Fri, 20 Oct 2023 01:04 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की कई सीटों पर रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा। दरअसल इन सीटों पर रिश्तेदार ही आमने-सामने हैं। दो जगह चाचा-भतीजा, एक जगह समधी-समधन, जेठ-बहू के बीच सियासी संग्राम होगा। 
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मध्यप्रदेश चुनाव 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान होगा। इसमें कांग्रेस प्रत्याशियों के एलान में कांग्रेस ने भाजपा पर बढ़त बना ली है। कांग्रेस ने बैतूल जिले की आमला सीट को छोड़कर बाकी 230 में से 229 सीटें घोषित कर दी है। वहीं, भाजपा ने अपनी 136 सीटों की ही घोषणा की है। प्रदेश की कई सीटों पर दोनों के प्रत्याशियों के नाम तय हो गए है। इसमें कई सीट पर रिश्तेदार ही आमने सामने है। सागर में जेठ और बहू, देवतालाब में चाचा-भतीजा, डबरा में समधी और समधन आमने सामने है। 
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सागर में जेठ और बहू आमने-सामने 
सागर विधानसभा में रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा। सागर विधानसभा में बहू और जेठ के बीच मुकाबला है। यहां पर कांग्रेस ने निधि सुनील जैन को टिकट दिया है। वहीं, भाजपा ने शैलेंद्र जैन को प्रत्याशी बनाया है। शैलेंद्र जैन रिश्ते में निधि सुनील जैन के जेठ है। पिछले चुनाव में इस सीट पर शैलेंद्र जैन करीब 17 हजार वोटों से जीते थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी नेवी जैन को हराया था। 



चाचा-भतीजे के बीच लड़ाई
देवतालाब विधानसभा सीट पर भी सियासी लड़ाई रिश्तेदारों के बीच है। यहां पर भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम को टिकट दिया है। जबकि कांग्रेस ने उनके भतीजे पद्मेश गौतम को प्रत्याशी बनाया है। यहां पर लड़ाई चाचा बनाम भतीजे के बीच देखने को मिलेगी। पिछले चुनाव में गिरीश गौतम इस सीट पर एक हजार वोट से जीते थे। यहां पर दूसरे नंबर बसपा की सीमा जयवीर सेंगर रही थी। कांग्रेस तीसरे नंबर पर थी। 
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समधी-समधन के बीच जंग 
डबरा विधानसभा सीट पर भी लड़ाई तगड़ी होने वाली है। यहां पर तीसरी बार समधी और समधन आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने सुरेश राजे को टिकट दिया है। वहीं, भाजपा ने पूर्व मंत्री इमरती देवी को प्रत्याशी बनाया है। 2013 में सुरेश राजे भाजपा की सीट पर चुनाव लड़े थे और उनकी समधन इमरती देवी को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया था। इस चुनाव में इमरती देवी ने सुरेश राजे को 13 हजार वोट से हरा दिया था। इसके बाद इमरती देवी सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हो गई और सुरेश राजे भाजपा से कांग्रेस में चले गए। 2020 के उपचुनाव में दोनों फिर आमने-सामने आए। इस चुनाव में इमरती देवी सुरेज राजे से 8 हजार वोट से हार गई। इस बार देखना होगा कि कौन किस पर भारी पड़ता है। 

टिमरनी में भी चाचा-भतीजे के बीच जंग 
हरदा जिले की टिमरनी विधानसभा सीट पर भी चाचा बनाम भतीजे के बीच दूसरी बार सियासी रण होने वाला है। यहां पर भाजपा ने विधायक संजय शाह को टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस ने उनके भतीजे अभिजीत शाह को प्रत्याशी बनाया है। पिछली बार भी संजय शाह और अभिजीत शाह के बीच मुकाबला हुआ था। संजय शाह ने अभिजीत को दो हजार वोट से हरा दिया था। इस बार भी मुकाबला दोनों के बीच रोचक होने वाला है। 
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