मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए नामांकन प्रक्रिया 30 तारीख को पूरी हो गई है। दो नवंबर को नामांकन फॉर्म वापस लिए जाएंगे। इसी बीच बीजेपी और कांग्रेस पार्टी से टिकट न मिलने से नाराज चल रहे बागियों ने चुनावी समीकरण को बिगाड़ दिया है। चौरई विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस से दो बागी मैदान में हैं।
भाजपा के पूर्व विधायक पंडित रमेश दुबे को टिकट नहीं मिला तो उनके नाराज समर्थक कमलेश वर्मा ने नामांकन दाखिल कर दिया है। ऐसा ही हाल कांग्रेस का भी है। कांग्रेस से बंटी पटेल ने टिकट न मिलने से नाराज होकर पर्चा दाखिल कर दिया है। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी सुजीत चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर यह देखना रोचक हो जाएगा कि दो नवंबर को कौन सा प्रत्याशी नाम वापस लेता है। इसके बाद आगे की तस्वीर साफ होगी। कांग्रेस ने यहां बंटी पटेल को मनाने के लिए पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना को जिम्मेदारी दी है। वहीं, कमलेश वर्मा को भाजपा जिला अध्यक्ष प्रियवर सिंह ठाकुर मना रहे हैं।
परासिया में भाजपा के नेता चुनावी मैदान में
कुछ ऐसा ही हाल परासिया में भी है। यहां टिकट न मिलने से नाराज बुद्धिजीवी भाजपा प्रकोष्ठ के संयोजक तुकाराम दुर्गे ने बगावत कर दी है। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है और नामांकन दाखिल कर दिया है। उन्हें मनाने के लिए मंडल अध्यक्ष को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सौसर में भाजपा नेता रहे बंटू ठाकरे ने बगावत कर दी है। उन्हें मंडल अध्यक्ष के द्वारा मनाया जा रहा है।