नामांकन वापस लेने पहुंचे उम्मीदवार
- फोटो : अमर उजाला
कटनी जिले की चार विधानसभा सीटों से अब उम्मीदवारों का चहरा साफ हो गया है, जिसके हिसाब से 70 में से 57 प्रत्याशी ही चुनावी रण में उतर कर लोगों के वोट पाने के हकदार कहलाएंगे। दरअसल गुरुवार को कटनी जिले में नाम वापसी की प्रक्रिया चल रही थी। जिले में मुड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ़ सहित बड़वारा विधानसभा से 13 लोगों ने अपना नाम वापसी लिया है। इसमें से सबसे ज्यादा लोग मुड़वारा विधानसभा से अपना नाम वापस लिए हैं, जिसमें विनोद तिवारी, मुकेश मिश्रा, मजूषा गौतम, सुरेंद्र परौहा, अशोक विश्वकर्मा, डॉक्टर राकेश रंजन सहित विनय दीक्षित को मिलाकर सात लोगों ने नाम वापस लिए हैं। वहीं, बहोरीबंद से तीन प्रत्याशी राजकुमार काछी, कौशलेश काछी और रामप्रताप मिश्रा शामिल हैं। बड़वारा से मोती कश्यप तो विजयराघवगढ़ से संजय कुमार पाठक ने नाम वापस लिया है।
राजनैतिक विशेषज्ञ बताते है कि कटनी की मुड़वारा और बड़वारा में त्रिकोण बनाने वाले प्रत्याशी बीजेपी से नाराज लोगों को मनाने में आलाकमान सफल रहा फिर वो चाहे अशोक विश्वकर्मा हों या पांच बार के विधायक रह चुके मोती कश्यप। हालांकि कुछ लोग अभी भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में डटे दिखाई पड़ रहे हैं। फिलहाल नाम वापसी के साथ ही रिटर्निंग अधिकारी ने सभी निर्दलीय को चुनाव चिन्ह दिया है।
वहीं, 3 नवम्बर को खुद सीएम शिवराज कटनी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी के पक्ष में वोट जुटाने की कोशिश करेंगे। लेकिन कटनी जिले के 9 लाख 89 हजार 883 मतदाता चारों विधानसभा में विधायक तय करेंगे। ज्यादा से ज्यादा लोग मतदान करें, इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी अवि प्रसाद सहित स्वीप अधिकारी शिशिर गेमावत लगातार सभी क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों को वोट का महत्व बताते नजर आ रहे हैं।