शुक्रवार को प्रशासन ने बिना मास्क के घूम रहे 72 लाेगाें के खिलाफ कार्रवाई की।इन लोगों को शासकीय चिमनाबाई स्कूल में बनाई गई खुली जेल में रखा। यहां उनसे कहा गया कि काेराेना पर निबंध लिखिए। तहसीलदार प्रवीण पाटीदार के मुताबिक, कलेक्टर ने हमें यह आइडिया दिया कि ऐसे लोगों से निबंध भी लिखवाएं ताकि उनमें जागरूकता आए, वे मास्क की अहमियत समझ सकें, इसलिए यह प्रयोग शुरू किया। खास बात यह रही कि सभी ने दो गज दूरी मास्क जरूरी का संदेश लिखा।
एक ने पूछा, कोरोना की असली पहचान क्या?
विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि खांसने या छींकने से यह बीमारी फैलती है, तो क्या पूर्व में वायरल फीवर नहीं होता था? जवाब हां है, तो कोरोना की असली पहचान क्या है?
चीन से फैले कोरोना ने हमारा जीवन नरक किया
कोरोना एक ऐसी बीमारी है, जो चीन नामक देश से शुरू हुई और धीरे-धीरे चारों तरफ फैल गई। अब यह गांव में भी पहुंच गई है। हमारा जीवन नरक कर दिया।
एक ने लिखा, बेहतर कल की उम्मीद
भारत ने वैक्सीन का निर्माण कर पूरे विश्व को संदेश दिया है। एक बेहतर कल की उम्मीद के साथ यही निवेदन करता हूं कि दो गज दूरी, मास्क है जरूरी।