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मप्र में क्राइसिस मैनेजमेंट बैठक: मुख्यमंत्री ने कहा- मास्क नहीं पहनना सामाजिक अपराध, आठ जिलों में वैक्सीनेशन कम होने पर नाराज हुए सीएम

Sun, 02 Jan 2022 11:53 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्राइसिस मैनेजमेंट बैठक में कोरोना की तीसरी लहर पर चिंता जताई, साथ ही जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों को तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। 
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Bhopal: क्राइसिस मैनेजमेंट बैठक को संबोधित करते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मास्क नहीं पहनना सामाजिक अपराध है। पहले जैसे मास्क और दूरी को लेकर काम किया गया था, वैसी ही करें। दुकान और अन्य संस्थाओं में जिस तरह गोले लगाकर और मास्क नहीं तो पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या दुकान पर सामान नहीं जैसे लोगों ने स्वत: नियम बनाकर लोगों को प्रेरित किया था, वैसा ही काम किया जाए।
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ये बातें रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्राइसिस मैनेजमेंट बैठक में कही। बैठक में कोरोना की तीसरी लहर पर चिंता जताई, साथ ही जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों को तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। किशोरों के वैक्सीनेशन ज्यादा से ज्यादा कराने पर जोर दिया।

क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में वर्चुअल तौर पर जिलों में मंत्री, विधायक और अन्य अधिकारी शामिल हुए। सीएम चौहान ने कहा कि तीसरी लहर में विदेशों में तेजी से नए केस बढ़ रहे हैं और हमारे यहां भी ऐसी स्थिति आए तो उसके हिसाब से तैयारियां करें। सभी स्तर की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियां इस तरफ ध्यान दें। कोरोना जांच को लेकर सीएम ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि आज 61 हजार ही जांच हुई है जबकि यह संख्या 75 हजार तक होना चाहिए।  सीएम ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों को भर्ती करने के लिए जितने बिस्तर हैं, उसके अलावा निजी अस्पतालों के साथ भी अनुबंध किए जाएं। मगर निजी अस्पतालों में मरीजों का इलाज निर्धारित दरों पर ही हो और वहां कोरोना इलाज के मापदंड के अनुकूल व्यवस्थाएं भी हों, इसका भी ध्यान रखा जाए। साथ ही प्रदेश स्थापित किए गए 204 ऑक्सीजन प्लांटों में से 188 शुरू हुए प्लाटों को लगातार चलाकर उनकी मॉनीटरिंग करते रहें और 16 अन्य प्लांटों को शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए।
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आठ जिलों में वैक्सीनेशन कम होने पर सीएम हुए नाराज
स्वास्थ्य विभाग के प्रजेंटेशन में बताया गया है कि सीधी, भिंड, मंडला, पन्ना, श्योपुर कलां, देवास, सागर व सिवनी जैसे जिलों में 90 फीसदी भी नहीं पहुंच सके हैं। इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि कम से कम से पांच फीसदी और वैक्सीनेशन करें। अभी प्रथम डोज 95 फीसदी और 91.6 फीसदी द्वितीय डोज लग चुके हैं लेकिन जिन जिलों में 90 फीसदी से कम वैक्सीनेशन हुआ है वे और काम करें।

बच्चों को सिर्फ कोवैक्सीन का टीका लगाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 जनवरी 2022 से 15 से 18 वर्ष के सभी बच्चें जिनका जन्म 2007 के पहले हुआ है उन्हें निशुल्क कोवैक्सीन टीका ही लगाया जाए तथा स्कूलों में बड़ों का वैक्सीनेशन न किया जाए। होम आइसोलेशन की माॅनिटरिंग नियमित रूप से डीसीसीसी  के माध्यम से किया जाए। उन्होंने कहा कि  15 से 18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण के साथ-साथ कोविड-19 की तीसरी लहर रोकने, कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करने का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यो के साथ-साथ जन अभियान परिषद् के सदस्यों, धर्म गुरुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वय सेवी संस्थाओं एवं इलेक्ट्राॅनिक एवं प्रिंट मीडिया एवं रोटरी क्लब आदि का सहयोग एवं सहभागिता ली जाए।  

संस्थाओं को साथ लेना होगा
जिला, विकासखंड, पंचायत स्तर की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों को और ज्यादा सक्रिय करना होगा। कई संस्थाओं को साथ लेना होगा जिनमें जन अभियान परिषद, पंताजलि, गायत्री शक्तिपीठ, श्रीश्री रविशंकरजी महाराज, सेवा भारती, संघ, भाजपा व अन्य राजनीतिक दलों, अशासकीय संस्थाओं को इससे जोड़ना होगा। सबको जोड़कर काम कराना होगा।

कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग गंभीरता से करें
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि होम आइसोलेशन की जहां इंतजाम है, वहां वह किया जाए लेकिन जहां व्यवस्था नहीं है, उनके मरीजों को कोविड केयर सेंटर रखा जाए। होम आइसोलेशन वाले मरीजों की मॉनीटरिंग करने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहा कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर गंभीरता से काम किया जाए। इसी से परिवार और उनके आसपास के लोगों में कोरोना फैलने से रोका जा सकेगा।

कोविड सेंटर बनाने के स्थान चिन्हित करें

क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में अब आवश्यकता महसूस की रही है कि कोविड सेंटर के लिए भी स्थान चिन्हित कर लिए जाएं। पिछली बार अशासकीय संस्थाओ में अच्छा काम हुआ था तो वह स्थान भी देख लें। कोविड सेंटरों में साफ-सफाई के साथ वहां मरीजों के भोजन की व्यवस्था भी देख लें जिससे उन्हें परेशान नहीं हो।

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