भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सरदार आरपी सिंह ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि सभी विधायक अपनी इच्छा से बंगलूरू गए हैं। उन पर किसी तरह का दबाव नहीं है। वे सुरक्षित हैं और रोज अपने वीडियो अपलोड कर अपनी भावनाएं भी सामने रख रहे हैं। ऐसे में उन्हें जबरदस्ती बंधक बनाकर रखने वाली बात बिल्कुल गलत है। जहां तक इस्तीफों की वैधता का सवाल है, राज्यपाल राज्य के संवैधानिक प्रमुख हैं और वे चाहें तो इसकी जांच कर अपनी तसल्ली अवश्य कर सकते हैं।
मानेसर होटल में मौजूद हैं 100 भाजपा विधायक
भाजपा के 100 विधायक इस समय मानेसर होटल में ठहरे हुए हैं। जबकि शिवराज सिंह चौहान, नरोत्तम मिश्रा सहित यशोधरा राजे सिंधिया सहित सात विधायक बाहर हैं।
कांग्रेस के 13 विधायक नहीं गए जयपुर
मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, पीसी शर्मा सहित 13 विधायक जयपुर नहीं गए हैं।
बंगलूरू के होटल में मौजूद हैं 19 विधायक, सात का नहीं है कोई पता
सिंधिया के इस्तीफे के बाद जिन 22 विधायकों ने इस्तीफा दिया था उनमें से 19 बंगलूरू के रिजॉर्ट में मौजूद हैं। जिसमें तुलसी सिलावट, इमरती देवी, जसवंट जाटव जैसे नेता शामिल हैं। वहीं तीन विधायक ऐसे हैं जिन्होंने इस्तीफा तो दिया है लेकिन बंगलूरू में नहीं हैं। उनके नाम- बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंसाना, मनोज चौधरी हैं। इसके अलावा सात विधायक ऐसे हैं जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक से मिले शिवकुमार और जीतू पटवारी
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने मध्यप्रदेश कांग्रेस नेता जीतू पटवारी और अन्य लोगों के साथ आज अपर पुलिस महानिदेशक अमर कुमार पांडेय से बागी विधायकों को एक होटल में रखने को लेकर मुलाकात की। गुरुवार को जीतू पटवारी को बागी विधायकों से मिलने नहीं दिया गया।
विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने सभी विधायकों को शुक्रवार को उनके सामने पेश होकर यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि उन्होंने इस्तीफा खुद दिया है और यह फैसला बिना किसी के दबाव में आए लिया गया है। प्रजापति ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'विधायकों के दबाव में इस्तीफा नहीं देने की पुष्टि करना स्पीकर की जिम्मेदारी है।' सारी प्रक्रिया नियमों के तहत हो रही है और उसी के मुताबिक कार्रवाई होगी।
मध्यप्रदेश की सियासत के हालात
- 228 सदस्यों की है मध्य प्रदेश विधानसभा
- 114 विधायक थे बगावत से पहले कांग्रेस के
- 07 विधायकों का बाहरी समर्थन था उसके पास
- 22 विधायकों के इस्तीफे पर 206 होगी सदस्यता
- 104 पर सिमट जाएगा बहुमत का आंकड़ा
- 92 विधायक रह जाएंगे कांग्रेस के पास अपने
- 107 विधायक हैं भाजपा के विधानसभा में
- 07 बाहरी विधायकों का समर्थन भी भाजपा को मिलना संभव